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तमिलनाडु में बंधक बने हैं सीधी के दर्जनों श्रमिक

तमिलनाडु में बंधक बने हैं सीधी के दर्जनों श्रमिक

डिजिटल डेस्क सीधी। रोजी-रोटी की तलाश में तमिलनाडु में मजदूरी करने गये सीधी के दर्जनों श्रमिकों को एक धागामील कम्पनी के प्रबंधक ने बंधक बना लिया है। लाकडाउन में दिन-रात मजदूरी कराने और घर वापस नहीं आने देने का मामला सामने आया है। तमिलनाडु में फंसे श्रमिकों के परिजनों ने अपर कलेक्टर से मामले की शिकायत कर कम्पनी प्रबंधक पर बंधक बनाने का आरोप लगाते हुये श्रमिकों को मुक्त कराकर सीधी लाने की मांग की है। 
ज्ञात हो कि जिले में रोजगार का कोई साधन न होने की वजह से यहां के ज्यादातर लोग पलायन कर दूसरे राज्यों में मजदूरी कर अपना गुजारा करते आ रहे है। इसी कड़ी में चुरहट ग्रामीण इलाके से 22 श्रमिक दिसम्बर महीने में तमिलनाडु के कोयम्बटूर जिले के तुकूपालम गाँव मे स्थित श्री वशुदेव टेक्सलिट धागामील कम्पनी में मजदूरी का काम करने गये हुये थे। जहाँ कोरोना वायरस की वजह से हुये लाकडाउन में फसें है। इसी बीच कम्पनी प्रबंधक द्वारा सभी श्रमिकों को लाकडाउन के बाद कम्पनी के अंदर ही बंधक बनाकर दिन-रात बराबर काम लिया जा रहा है। आरोप है कि श्रमिक वहां से वापस अपने घर आना चाहते है जिसके लिये ऑनलाइन शिकायत भी किये थे। जिसके बाद से कम्पनी प्रबंधक श्रमिकों का मोबाइल फोन भी छीन लिया है। जिसकों लेकर पीडि़त परिजनों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपर कलेक्टर से मामले की शिकायत की है। परिजनों का कहना है कि कम्पनी प्रबंधक द्वारा सभी लोगों को बंधक बनाकर काम कराया जा रहा है। काम न करने पर खाना ना देने की धमकी दे रहा है। सभी लोग घर आना चाहते है लेकिन कम्पनी प्रबंधक कम्पनी के अंदर ही बंधक बनाकर रखा है। जहाँ ना तो ठीक से खाना मिल रहा है नही वहाँ रहने की कोई व्यवस्था है। वही अपर कलेक्टर ने बंधक बने श्रमिकों को वहाँ से मुक्त कराकर लाने का पीडि़त परिजनों को भरोसा दिया है।
 

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