दैनिक भास्कर हिंदी: परमबीर सिंह की जांच के लिए SIT गठित, 8 पुलिसकरर्मियों के खिलाफ लगे हैं वसूली के आरोप 

July 28th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और दूसरे आठ आरोपियों के खिलाफ लगे जबरन वसूली के आरोपों की छानबीन के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। लोकल आर्म्स डिविजन में तैनात डीसीपी निमित गोयल को एसआईटी का प्रमुख बनाया गया है, जबकि देवनार विभाग के एसीपी एमएम मुजावर मामले के जांच अधिकारी होंगे। श्याम सुंदर अग्रवाल नाम के बिल्डर ने सिंह समेत छह पुलिसकर्मियों और दो अन्य आरोपियों के खिलाफ मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके अलावा एसआईटी को जुहू पुलिस स्टेशन में दर्ज उस मामले की भी जांच सौंप दी गई है, जिसमें अग्रवाल पर दूसरे कारोबारी को फोन कर धमकाने का आरोप है। इस मामले की जांच अपराध शाखा कर रही थी। परमबीर सिंह के मुंबई पुलिस आयुक्त रहते अग्रवाल के खिलाफ यह मामला दर्ज हुआ था।  

एसआईटी गठित करने से जुड़ा आदेश में मुंबई पुलिस आयुक्त हेमंत नागराले ने जारी किया है। इसमें जांच अधिकारी को दोनों मामलों से जुड़े दस्तावेज मरीन ड्राइव पुलिस स्टेशन और पश्चिम विभाग अपराध शाखा के एसीपी से हासिल कर इसकी छानबीन शुरू करने का निर्देश दिया गया है। 

राहत के लिए मांगे थे 15 करोड़ 

अग्रवाल का आरोप है कि सिंह के निर्देश पर उनके खिलाफ संगठित अपराध विरोधी कानून मकोका की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था और इस मामले में राहत देने के लिए 15 करोड़ रुपए की मांग की गई थी। अब इस मामले की जांच के लिए गठित सात अधिकारियों की एसआईटी में आर्थिक अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर प्रीणम परम, जबरन वसूली विरोधी पथक के इंस्पेक्टर सचिन पुराणिक, आजाद मैदान पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर विनय घोरपडे, अपराध शाखा के एपीआई महेंद्र पाटील, साइबर पुलिस स्टेशन में तैनात एपीआई विशाल गायकवाड भी शामिल किए गए हैं। अग्रवाल की शिकायत पर कारोबी संजय पुनमिया, सुनील जैन के साथ वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह, डीसीपी अकबर पठान, श्रीकांत शिंदे, आशा कोरके, नंदकुमार गोपाले, संजय पाटील नाम के पुलिस वालों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी। 

आरोपी पुलिसवालों का तबादला

परमबीर सिंह से जुड़े जबरन वसूली मामले में आरोपी डीसीपी अकबर पठान, पराग माणेरे, एसीपी संजय पाटील, एसीपी सिद्धार्थ शिंदे और पुलिस इंस्पेक्टर आशा कोरके का तबादला लोकल आर्म्स डिविजन में कर दिया गया। पठान अब तक अपराध शाखा जबकि माणेसे आर्थिक अपराध शाखा में बतौर डीसीपी तैनात थे। माणेरे का नाम ठाणे के कोपरी पुलिस स्टेशन में परमबीर सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आया है। जबकि पठान मरीन ड्राइव में दर्ज मामले में आरोपी हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी पुलिसवाले जांच प्रभावित न कर पाएं इसलिए उन्हें कम अहमियत वाली जगहों पर भेजा गया है।  

 

खबरें और भी हैं...