गोरखपुर थाने में सभी 9 आरोपियों की गिरफ्तारी, पूछताछ में हुआ खुलासा: सेना में नौकरी पाने किसी ने दिए डेढ़ लाख तो किसी ने तीन लाख

September 19th, 2021

डिजिटल डेस्क जबलपुर। गोरखपुर थाना क्षेत्र स्थित रामपुर जीआरसी सेंटर में ट्रेनिंग का लिफाफा लेकर पहुँचे 9 आरोपियों से पूछताछ के बाद सेना पुलिस ने सभी को पुलिस के हवाले की दिया। जहाँ उनकी गिरफ्तारी की गई। सोमवार को सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। आरोपियों से पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ कि उनमें से किसी ने सेना में नौकरी पाने के लिए डेढ़ लाख दिए थे तो किसी ने तीन लाख। उक्त रकम वाराणसी के किसी अजीत पाठक ने ली थी। जालसाज ने खुद को सेना का अधिकारी बताया था।
इस संबंध में टीआई अर्चना नागर ने बताया कि गुरुवार को सेना पुलिस के सूबेदार जितेंद्र कुमार सिंग व उनके साथी हवलदार रामध्यान सिंह और गिरी बाबू ने थाने पहुँचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि सेना में नौकरी पाने वालों को ट्रेनिंग दी जाती है। अगस्त के आखिरी सप्ताह में जीआरसी सेंटर रामपुर में 9 युवक ट्रेेनिंग के लिए पहुँचे थे। उनमें उत्तर प्रदेश चंदौली निवासी विकास यादव, पंकज कुमार, अजीत यादव, अमित यादव, दानापुर निवासी गोविंद यादव, गाजियाबाद निवासी सिकंदर खान, सपन यादव, उपेंद्र यादव और नीतेश यादव शामिल थे। उक्त आवेदकों के लिफाफे खोले जाने पर उनके दस्तावेज फर्जी पाए गए। सेना पुलिस की रिपोर्ट पर गोरखपुर थाने में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। उक्त मामले में सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
वाराणसी जाएगी पुलिस-
सूत्रों के अनुसार सेना में नौकरी पाने के पहले ट्रेनिंग के लिए आए युवकों से पूछताछ में पता चला कि वाराणसी में रहने वाले अजीत पाठक ने उनसे पैसे लिए थे, इसी तरह कई अन्य लेागों से भी सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेकर जालसाजी की गई है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस की एक टीम अब मुख्य आरोपी को पकडऩे के लिए वाराणसी जाएगी।
सेना पुलिस भी हुई सक्रिय-
उधर ट्रेनिंग सेंटर में 9 युवकों के पकड़े जाने के बाद सेना पुलिस सक्रिय हो गई है और अपने स्तर पर वह जाँच में जुटी है। वहीं इस फर्जीवाड़े की खबर सेना मुख्यालय पहुँचने के बाद उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड में सेना पुलिस गिरोह से जुड़े लोगों की पतासाजी में जुटी है।

 

खबरें और भी हैं...