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कोरोना मरीजों की सेवा में लगे स्टॉफ को नहीं मिल रहा भोजन - विभाग ने कहा बजट ही नहीं

कोरोना मरीजों की सेवा में लगे स्टॉफ को नहीं मिल रहा भोजन - विभाग ने कहा बजट ही नहीं

डिजिटल डेस्क शहडोल । कोरोना संक्रमित मरीजों की देखभाल में लगे स्टॉफ की खुराकी पर बजट रोड़ा बन गया है। जान जोखिम में डालकर कोरोना पॉजिटव मरीजों के लगातार संपर्क में आने वाले तमाम स्टॉफ को भोजन के लिए परेशान होना पड़ रहा है। क्योंकि पिछले 5-6 दिनों से स्टॉफ को भोजन व नाश्ता मिलना बंद हो चुका है, जबकि शुरुआती दिनों में सुबह शाम नाश्ता व भोजन दिया जाता था। कोविड अस्पताल में बजट का एलाटमेंट सीएमएचओ आफिस से होता है, लेकिन वहां से भी यह कहते हुए हाथ खड़े कर दिए गए हैं कि स्टाफ के लिए भोजन का प्रावधान नहीं है।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में मौजूदा समय में 28 मरीजों का उपचार चल रहा है। जिनके उपचार के लिए रोस्टरवार 12-14 स्टॉफ की ड्यूटी लगती है। संक्रमितों के संपर्क में रहते हुए 14 दिन की ड्यूटी के बाद नियमानुसार स्टॉफ को 6 से 10 दिन के लिए क्वांरेंटाइन रहना होता है, ताकि संक्रमण फैलने न पाए। कर्मचारी परिसर के ही आवास में रहते हैं। ऐसे में वे बाजार भी आना-जाना नहीं कर सकते। ड्यूटी व क्वांरेंटाइन अवधि में भोजन न मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 
इनका कहना है
शुरुआती दौर में सीएमएचओ आफिस से जो बजट मिला था वह खत्म हो चुका है। मेस व कैंटीन का संचालन भी नहीं हो रहा है। हमारे पास बजट का अभाव है, इसलिए भोजन की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
डॉ. मिलिंद सिरालकर, डीन मेडिकल कॉलेज
-जिला अस्पताल कोरोना मरीजों के लिए भोजन की व्यवस्था है। स्टॉफ के लिए अलग से भोजन का कोई प्रावधान नहीं है।
डॉ. राजेश पांडेय, सीएमएचओ

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