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ग्रामीण इलाकों में घर बनाने आईआईटी, रिलायंस व हुडको के साथ राज्य सरकार ने की साझेदारी 

ग्रामीण इलाकों में घर बनाने आईआईटी, रिलायंस व हुडको के साथ राज्य सरकार ने की साझेदारी 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य के ग्रामीण इलाकों में लागू घरकुल योजना को गति देने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने आईआईटी मुंबई, रिलायंस फाउंडेशन और हुडको के साथ साझेदारी का फैसला किया है। ग्रामीण विकास मंत्री हसन मुश्रीफ ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य की भौगोलिक स्थिति के मुताबिक घरों की डिजाइन (संरचना) तैयार करने, कम खर्च में अच्छे घरों के निर्माण की तकनीक विकसित करने के लिए इन संस्थाओं की मदद ली जाएगी। आईआईटी बांबे भी ऐसे घरों की संरचना विकसित करने में मदद करेगा जो नैसर्गिक आपदा का सामना कर सकें। 

मंत्री ने कहा कि आईआईटी के विद्यार्थियों को इंटर्नशिप योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में गृहनिर्माण से जोड़ा जाएगा। साथ ही ग्रामीण इलाकों में गृहनिर्माण में तैनात अभियंताओं को भी प्रशिक्षित किया जाएगा।  हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन यानी हुडको से भी तकनीकी और सीएसआर आदि के जरिए आर्थिक मदद ली जाएगी। बड़े गांवों में बहुमंजिली इमारत और हाउसिंग कॉलोनी के आसपास मूलभूत सुविधाओं के निर्माण में भी हुडको की मदद ली जाएगी। घरकुल से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और लाभार्थियों तक ऑडियो वीडियो के जरिए पहुंचाने में रिलायंस फाउंडेशन मदद करेगा। घरकुल योजना की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन भी तैयार की जाएगी। मुश्रीफ ने उम्मीद जताई कि सभी के सहयोग से जल्द ही ग्रामीण इलाकों में घर बनाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।  

महाआवास अभियान की अवधी 31 मार्च तक बढ़ी 

मुश्रीफ ने बताया कि राज्य में 1 अप्रैल 2020 से अब तक विभिन्न ग्रामीण गृहनिर्माण योजना के तहत 3 लाख 37 हजार 978 लाभार्थियों को घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इनमें से 2 लाख 98 हजार 97 घर तैयार हो चुके हैं जबकि बाकी घर 31 मार्च तक तैयार कर जीरो मिशन शुरू करने का फैसला किया गया है। इसके लिए महाआवास अभियान को 31 मार्च 2021 तक बढ़ाने का फैसला किया गया है। मुश्रीफ ने कहा कि जगह उपलब्ध न होने के चलते 74 हजार 373 पात्र लाभार्थियों के घर नहीं बनाए जा सके। उन्हें जमीन उपलब्ध कराने के लिए राजस्व मंत्री से बातचीत की जा रही है। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।