comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

पुलिस कर्मी के घर के सामने खड़ी कार पर पथराव, कांच फोड़ कर फरार हुए आरोपी

पुलिस कर्मी के घर के सामने खड़ी कार पर पथराव, कांच फोड़ कर फरार हुए आरोपी

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ग्रामीण पुलिस विभाग में कार्यरत एक पुलिसकर्मी की  घर के सामने खड़ी उसकी कार पर पथराव कर अज्ञात आरोपी ने कांच फोड़ दिए। पुलिसकर्मी विनोद काले ने हुड़केश्वर थाने में शिकायत की है। पुलिस ने एनसी का मामला दर्ज किया है। घटना न्यू सोमवारी क्वार्टर, चक्रधर नगर, एनआईटी गार्डन के पास हुई। पुलिसकर्मी विनोद की कार को निशाना बनाने वाले दो युवकों पर संदेह व्यक्त किया जा रहा है। दोनों युवक परिसर में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हुए हैं। दोनों दोपहिया वाहन पर जाते हुए घटना की रात करीब 12 बजे  नजर आ रहे हैं।

दोपहिया की हेडलाइट के कारण वाहन की नंबर प्लेट साफ नजर नहीं आ रही है। उनकी पहचान करने में पुलिस काे मुश्किल हो रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवारी क्वार्टर  ब्लॉक नं.-174 चक्रधर मंदिर के पीछे रहने वाले विनोद काले  (47) ने गत 4 अक्टूबर को घर के सामने कार क्र.-एम.एच.-49-बी.-6463 खडी की थी। 5 अक्टूबर को सुबह उठने पर उन्हें कार के सामने का कांच फूटा नजर आया। इस घटना की उन्होंने थाने में शिकायत की, तब पुलिस ने मामला दर्ज किया। क्षेत्र के नागरिकों का आरोप है कि, पुलिस गश्त बंद हो गई है। रात के समय मैदान में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। वाहनों के कांच की इससे पहले भी तोड़फोड़ की घटनाएं हो चुकी हैं। हुड़केश्वर पुलिस इस मामले को गंभीरता से नहीं लेती है। 

न जाने अगली कार किसकी होगी 

इस घटना को लेकर क्षेत्र के कई नागरिकों में काफी दहशत है कि, कहीं अगला निशाना उनकी कार न हो। क्षेत्र के नागरिकों का आरोप है कि, इससे पहले भी इस क्षेत्र में वाहनों की बैटरी और ईंधन चोरी की घटनाएं होती रही हैं।  क्षेत्र के नागरिक चंदा जमा कर अब सीसीटीवी कैमरे लगा रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि, रविवार को दोपहर के समय कुछ युवक एनआईटी गार्डन के मैदान पर बन रहे शौचालय के पास बैठकर ताश खेल रहे थे। पुलिस का एक दल वहां पहुंचा। पुलिस को देखते ही वह उनकी आंखों के सामने भाग गए। नागरिकों का कहना है कि, पुलिस खुद कार्रवाई नहीं करती, उल्टा आस-पास के नागरिकों को सलाह देती है कि, तुम लोग इन युवकों को यहां से मारपीट कर भगाते क्यों नहीं हो। 

कमेंट करें
iNCOd
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।