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अब विदर्भ के गांवों का विकास विद्यार्थियों के हाथ, अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर बदलेगी तस्वीर

अब विदर्भ के गांवों का विकास विद्यार्थियों के हाथ, अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर बदलेगी तस्वीर

डिजिटल डेस्क, नागपुर। विदर्भ में पिछड़े गांवों को महाविद्यालयों के विद्यार्थी दत्तक लेंगे। विद्यार्थियों की अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर गांवों में विकास कार्य होगा। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उन्नत भारत अभियान यूबीए व विदर्भ विकास मंडल के बीच इस संबंध में एमओयू अर्थात सामंजस्य करार हुआ है। कृषि महाविद्यालय के कार्यक्रम में मंडल के अध्यक्ष चैनसुख संचेती, यूबीए के प्रादेशिक समन्वयक व अमरावती विद्यापीठ के कुलगुरु मुरलीधर चांदेकर, मंडल के तज्ञ सदस्य कपिल चांद्रायन उपस्थित थे। चांद्रायन ने बताया कि करार के अंतर्गत विदर्भ विकास मंडल विदर्भ के लिए यूबीए के नालेज पार्टनर के तौर पर काम करेगा। यूबीए के अंतर्गत महाविद्यालय विद्यार्थी व उनके महाविद्यालय परिसर के आसपास के कम से कम एक से पांच गांवों को दत्तक लेंगे।

विद्यार्थी गांव में जाकर समस्याओं का सर्वेक्षण करेंगे। सर्वेक्षण रिपोर्ट पेश करेंगे। गांव के नागरिकों को समस्या का उपाय बताएंगे। साथ ही समस्या को पूरी तरह से दूर करने के लिए फालोअप करेंगे। चांद्रायन ने बताया कि गांव में घनकचरा व्यवस्थापन, मलीन पानी नियोजन, सार्वजनिक स्वच्छता, कृषि कचरा, महिला व बालविकास , शिक्षा अधूरी छोड़ना, रोजगार आदि के िवषय पर भी समुपदेशन किया जाएगा। राज्य में यूबीए के प्रमुख समन्वयक विजय भटकर हैं। सभी विद्यापीठों के कुलगुरु प्रादेशिक समन्वयक हैं। संबंधित विद्यापीठ से संलग्न सभी महाविद्यालयों में यूबीए प्रकल्प कार्यान्वित किए जाएंगे। विदर्भ विकास मंडल ने विविध विषयों पर अध्ययन रिपोर्ट तैयार की है। सभी रिपोर्ट यूबीए को दी जाएगी।

 

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