दैनिक भास्कर हिंदी:  इलाज में लापरवाही से हास्य कलाकार सुनील पाल की बहन की मृत्यु , दत्ता मेघे व अन्य के खिलाफ याचिका

April 2nd, 2019

डिजिटल डेस्क,नागपुर। वर्धा के सावंगी स्थित दत्ता मेघे आयुर्विज्ञान अभिमत विश्वविद्यालय में इलाज में लापरवाही से एक मरीज की मृत्यु के मामले में संस्था अध्यक्ष व कुलपति दत्ता मेघे सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का मुद्दा बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में दायर फौजदारी रिट याचिका में किया गया है। वर्धा निवासी सुरेश रंगारी और सचिन पंडित ने हाईकोर्ट में यह याचिका दायर की है।

मामले में नागपुर खंडपीठ में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का पक्ष सुनकर कोर्ट ने मामले को दूसरे बेंच के समक्ष ले जाने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता ने इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी, केंद्रीय राज्यमंत्री हंसराज अहीर, गृह राज्य मंत्री रणजीत पाटील, स्वास्थ्य मंत्री गिरीश महाजन, सागर मेघे, विधायक समीर मेघे,  डॉ. राजवी बोराले और वर्धा पुलिस को प्रतिवादी बनाया है।  याचिकाकर्ता की ओर से एड. अश्विन इंगोले ने पक्ष रखा। 

याचिकाकर्ता के अनुसार नवंबर 2018 मंे संस्था के अस्पताल में इलाज के दौरान तीन मरीज हिमानी मलोडे, शारदा पाल और वेदांती बारसकर की प्रतिवादियों द्वारा संचालित अस्पताल में मृत्यु हो गई थी। इसमें से शारदा पाल हास्य कलाकार सुनील पाल की बहन थी। याचिकाकर्ता के अनुसार इन मरीजों की मृत्यु इलाज में लापरवाही के कारण हुई थी। कायदे से मामले में जिम्मेदार पदाधिकारियों के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए।

याचिकाकर्ता के अनुसार उन्होंने इसके लिए प्रतिवादियों के खिलाफ वर्धा पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन प्रतिवादियों के मजबूत पॉलिटिकल कनेक्शन होने के कारण उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया। ऐसे में उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रतिवादियों पर एफआईआर दर्ज कराने की प्रार्थना की है। 

मां को बचाने के चक्कर में पुत्र भी झुलसा
सास-बहू के विवाद में सास ने खुद को जला लिया। उसे बचाने के चक्कर में पुत्र भी घायल हो गया है। सोमवार को यशोधरा नगर क्षेत्र में घटित प्रकरण से हड़कंप मचा रहा। घायल मां-बेटे को मेयो अस्पताल में भर्ती किया गया है। बिनाकी मंगलवारी स्थित आनंद नगर निवासी चंद्राबाई रामदास मुजबैले (55) का सोमवार की दोपहर को अपनी बहू से विवाद हुआ था। इसके पूर्व भी सास-बहू में घरेलू बातों को लेकर विवाद हुआ है, मगर सोमवार को इसमें गंभीर मोड़ आ गया। तैश में आकर सास चंद्राबाई ने खुद पर केरोसिन डाल दिया और आग लगा ली।

मां को जलता हुआ देखकर बेटा विक्की उसे बचाने दौड़ा। इस दौरान वह भी झुलस गया है। मां-बेटे को जलता हुआ देखकर बहू भी बेहोश होकर गिर पड़ी। इससे परिवार के अन्य सदस्यों में मची अफरा-तफरी से बस्ती के लोगों की घर के सामने भीड़ लग गई। मामले की सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस पहुंचने के पूर्व ही बहू को निजी अस्पताल और घायल मां-बेटे को मेयो अस्पताल ले जाया गया। घायलों को उपचार जारी है। उनकी हालत खतरे से बाहर बताया गया है। 

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