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निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस को दूर करने की बातें बेबुनियाद - तटकरे

निकाय चुनावों के लिए कांग्रेस को दूर करने की बातें बेबुनियाद - तटकरे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राकांपा सांसद सुनील तटकरे ने नगर निकायों के चुनाव में कांग्रेस को किनारे कर राकांपा और शिवसेना के नए संभावित गठबंधन की खबरों को खारिज कर दिया है। शुक्रवार को तटकरे ने कहा कि नगर निकायों के चुनाव में कांग्रेस को दूर रखने की बातों में कोई तथ्य नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उपमुख्यमंत्री अजित पवार की मौजूदगी में हुई रायगड जिले की बैठक में कांग्रेस को अलग रखने के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई है। तटकरे ने कहा कि मेरा मानना है कि महाविकास आघाड़ी को नगर निकाय चुनाव मिलकर लड़ना चाहिए। राज्य की सरकार में शामिल घटक दल अगर नगर निकायों के चुनाव में अलग-अलग लड़ते हैं तो जिला स्तर पर विसंगत स्थिति नजर आएगी। तटकरे ने कहा कि चुनावों के समय तीनों दलों के स्थानीय नेतृत्व को सहमत होना पड़ेगा।

नगर निकायों के चुनाव एक साथ लड़ने के लिए महाविकास आघाड़ी के तीनों दलों को लंबी चर्चा करनी पड़ेगी। किसी न किसी दल को गठबंधन के लिए पहल करनी पड़ेगी। चूंकि अभी निकट में कोई चुनाव नहीं हैं, इसलिए यह जरूरी नहीं है कि इस बारे में अभी फैसला हो जाए। तटकरे ने कहा कि ऐसा भी नहीं है कि प्रदेश की सत्ता में शामिल होने वाले दल नगर निकायों के चुनाव गठबंधन कर ही लड़ते हैं। राज्य की पिछले भाजपा-शिवसेना की सरकार में दोनों दलों ने कई मनपा के चुनाव अलग-अलग लड़ा था। कांग्रेस और राकांपा की आघाडी सरकार के समय भी नगर निकायों के सभी चुनाव गठबंधन से नहीं लड़े गए थे। कई जिलों में दोनों दलों के बीच में गठबंधन हुआ था और कई जगहों पर नहीं हो पाया था। 

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