दैनिक भास्कर हिंदी: Famous International गोलू फेस्टिवल में शामिल हुुई अम्मा की डॉल

September 6th, 2018

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। तमिलनाडु में हर साल की तरह इस साल भी इंटरनेशनल गोलू डॉल्स एग्जिबिशन लोगों में चर्चा का विषय रहा। गोलू डॉल्स प्रदर्शनी मुख्य रूप से नवरात्रि के समय में लगाई जाती है और सितंबर के माह से शुरू होकर अक्टूबर के सभी त्यौहार को कवर कर महीने के आखिरी हफ्तों में खत्म होती है। ये प्रदर्शनी तमिलनाडु में काफी लोकप्रिय हैं मुख्य रूप से ये सलेम, तिरुची, पुडुचेरी और कोयम्बटूर में आयोजित की जाती है, जहां आपको गोलू सेट और सिंगल डॉल आसानी से मिल जाएंगी। आपको बता दे ये एक महिने तक चलने वाला एग्जीबिशन सिर्फ इंडिया में ही नहीं पूरे वर्ल्ड में फेमस है।

बोली के साथ बदल जाता है नाम

भारत एक बहुभाषी देश है, कहते हैं यहां कुछ किलोमीटर आगे चलते ही एक अलग बोली सुनने को मिल जाएगी। यही वजह है कि गोलू डॉल्स को कई अलग नामों से जानते हैं जैसे- बोम्मा गोलू, बोम्माई कोलू या बोम्बे हब्बा। इन नामों से आपको कन्फ्यूज होने की जरूरत नहीं है क्योंकि ये तीनो एक ही हैं।

10 रुपये से 1 लाख तक कीमत

गोलू प्रदर्शनी के दौरान मिलने वाली डॉल्स आपको हर कीम में मिल जाएंगी। इसकी कीमत 10 रूपये से शुरू होती है लाखों तक पहुंचती है तो आप अपने बजट की ज्यादा चिंता किए बिना इस एग्जीबिशन का लुत्फ उठा सकते हैं।

पारंपरिक के साथ आधुनिकता का फ्यूजन

इस एग्जीबिशन में हर तरीके की डॉल्स की स्टॉल्स लगाई जाती है। यहां भगवानों की मूर्तियों के साथ साथ गोपियों की रास लीला, राम की जोड़ी, म्यूज़िक बैंड, क्रिकेट सेट और तो और महान व्यक्तियों तक की मूर्तियां मिल जाएगीं। इस वर्ष लोगों का मुख्य आकर्षण तमीलनाडु में अम्मा के नाम से जानी जाने वाली जयललिता की मूर्ति रही। इसे लोगों ने खूब पसंद किया। इस प्रदर्शनी में दूसरे प्रदेशों के साथ साथ अब विदेशी कला को भी जगह दी गई है और उन मूर्तियों को भी प्रदर्शनी में रखा गया।

6 दशकों से चली आ रही ये प्रदर्शनी

ये प्रदर्शनी 1950 से चली आ रही है और अब ये लोगों के दिलों में खास जगह बना चुकी है। लोग दूर दूर से इसको देखने के लिए पहुंचते हैं और पूरा साल इस प्रदर्शनी का इंतजार किया जाता है।