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सूदखोरों ने धमकाया, तो व्यापारी ने की आत्महत्या -पुलिस कर रही जांच

September 24th, 2019 15:01 IST
सूदखोरों ने धमकाया, तो व्यापारी ने की आत्महत्या -पुलिस कर रही जांच

डिजिटल डेस्क  जबलपुर। ओमती थाना क्षेत्र स्थित नेपियर टाउन निवासी प्रतिष्ठित किराना व्यापारी इंद्रकुमार भगतानी  ने सुबह अपने घर पर फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उन्हें फंदे पर लटकता देख फंदे से उतारकर जबलपुर हॉस्पिटल लेकर पहुँचे जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। किराना व्यापारी द्वारा आत्मघाती कदम उठाए जाने से परिजन सदमे में हैं, लेकिन उन्हें जानने वालों का कहना है कि सूदखोरों द्वारा धमकाए जाने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया है। उधर सूचना मिलने पर पुलिस मामले की जाँच में जुटी है। 
  सूत्रों के अनुसार भँवरताल गार्डन के पास नवीन विद्या भवन रोड पर इंद्रकुमार भगतानी उम्र 52 वर्ष की  किराना दुकान है, दुकान के ऊपर ही उनका घर है। सुबह सवा दस बजे के करीब वे सोकर उठे और अपनी पत्नी को नीचे दुकान में जाने के लिए कहा, वहीं उनका पुत्र अपने कमरे में सो रहा था। पत्नी के नीचे जाते ही वे अपने कमरे में गये और फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद उनकी पत्नी उन्हें बुलाने के लिए पहुँची तो पति को फंदे में झूलता देख पुत्र मयूर को सूचना दी। सूचना पाकर परिजनों ने तत्काल उन्हें फंदे से नीचे उतारा और अस्पताल लेकर पहुँचे जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुँची और मर्ग कायम कर प्रकरण जाँच में लिया है। 
दिमागी रूप से थे परेशान
 किराना व्यापारी द्वारा आत्मघाती कदम उठाये जाने पर उनके परिजनों व  परिचितों का कहना था कि व्यापारिक लेन-देन के चलते  वे पिछले कुछ दिनों से परेशान थे। वहीं कुछ लोगों का कहना था कि कुछ सूदखोरों ने उन्हें घर पहुँचकर धमकाया था जिसके बाद से वे तनाव में थे और उन्होंने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 
कैमरे से खुलेगा राज 
 उधर ओमती पुलिस का कहना है कि व्यापारी द्वारा आत्महत्या किए जाने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। घटना के बाद परिजन सदमे में हैं और कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं थे। जाँच अधिकारी का कहना है कि मृतक की दुकान में लगे कैमरों से यह पता लगाया जाएगा कि पिछले कुछ दिनों में कौन उनसे मिलने आया था और किसने उन्हें धमकाया था तभी सच्चाई का खुलासा हो सकेगा। 
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।