दैनिक भास्कर हिंदी: राजस्थान महोत्सव में साकार हुए तीर्थ, कठपुतली नृत्य ने लुभाया

December 24th, 2018

डिजिटल डेस्क, नागपुर। राजस्थान महोत्सव में राज्य की अलबेली संस्कृति के साथ-साथ वहां के तीर्थ भी साकार किए गए हैं। महोत्सव स्थल पर राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों की प्रतिकृति तैयार की गई है। इनमें सालसारजी, खाटूश्यामजी, रणथंबोर गणेशजी, श्रीनाथजी, श्रीरामदेवरा, राणी सटी, करणी माता मंदिर बनाए गए हैं।इसके साथ ही महाराष्ट्र के विठ्ठल रुक्मिणी व व्यंकटेश बालाजी मंदिर भी बनाए गए हैं। श्री बीकानेरी माहेश्वरी पंचायत युवा समिति व मारवाड़ी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में दक्षिण मध्य क्षेत्र संस्कृतक केंद्र सिविल लाइंस में राजस्थान महोत्सव का आयोजन किया गया है। महोत्सव में राजस्थान की पहचान ऊंट की सवारी बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। महिलाओं का रुझान राजस्थानी गहनों की तरफ रहा। कठपुतली नृत्य के जरिए पर्यावरण का महत्व समझाया गया। इसके साथ ही राजस्थान के प्रसिद्ध मंदिरों की प्रतिकृति को देखने के लिए लोगों का हुजूम लगा रहा। महोत्सव में लोगों की भीड़ नजर आई।

शो के माध्यम से जनजागरण
महोत्सव में लुप्तप्राय कठपुतली कला का भी प्रदर्शन किया जा रहा है। राजस्थान में अब तक इस कला को सजो रखा है, बल्कि कठपुतलियाें का संवर्धन भी किया जा रहा है। प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था के संगम में कठपुतली नृत्य की प्रस्तुतियां लोगों को पसंद आ रही हैं। प्रस्तुतियों में सामाजिक कुरुतियों के अतिरिक्त पर्यावरण का महत्त्व, अंधश्रद्धा पर व्यंग्य शामिल हैं। 

राजस्थानी गहने कर रहे आकर्षित
महोत्सव में लगे स्टालों में राजस्थानी गहने युवतियों व महिलाओं को लुभा रही है। साड़ियां, बंधेज, जूती, ड्रेस मटेरियल, भगवान की पोशाक व गहने आकर्षण का केन्द्र हैं। सजावट की कलाकृतियां, पेंटिंग्स, गमले, आदि भी लोगों को अपनी और आकर्षित कर रहे हैं।

विदेशी सैलानियों ने उठाया मेले का आनंद
विदेशी सैलानियों ने भी महोत्सव का  आनंद उठाया। विदेशी सैलानी राजस्थान महोत्सव में नृत्य, खानपान एवं खरीदारी का आनंद उठाते देखे गए। इस दौरान अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महिला महासभा की पूर्व अध्यक्षा शोभाजी सादानी, प्रमुख अतिथियों के रूप में सुधाकर कोहड़े, हेमंत गडकरी, अनिल अहिरकर, रामदास फुटाने, सतीश हरड़े, शिवबाबू गांधी उपस्थित थे।

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