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हजारों की तादाद में विदेशी पर्यटक हुए यहां से वहां, सरकार नीतियां बनाती रही

हजारों की तादाद में विदेशी पर्यटक हुए यहां से वहां, सरकार नीतियां बनाती रही

डिजिटल डेस्क,  नागपुर। काश! सरकार और अफसर पहले चेत गए होते तो शायद आज कोरोना का यह भयावह रूप देखने को नहीं मिलता। विदेशों से कोरोना वायरस आता रहा  और अफसर बंद कमरे में नीतियां बनाते रहे। जब पानी सर से ऊपर उठा तो लॉकडाउन का सहारा लिया जा रहा है। दिसंबर से मार्च के बीच 3 हजार से अधिक विदेशी पर्यटक नागपुर आए और गए। तब सरकार को सोचना चाहिए था, पर नहीं सोचा गया। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ऐसे पर्यटकों के भ्रमण पर, प्रवेश पर पहले ही सरकार ने रोक क्यों नहीं लगाई? जांच का दावा भले ही खूब किया जा रहा हो, पर हकीकत किसी से छुपी भी नहीं है। बिना जांच के ही तमाम स्थानों पर लोग इधर से उधर चले गए और किसी को खबर तक नहीं लगी।

चार माह में 10 लाख विदेशी पर्यटक भ्रमण कर जा चुके हैं
महाराष्ट्र  ऑफ टूरिज्म विभाग से जुडे के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि  महाराष्ट्र में हर साल लाखों की संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं, जिसमें करीब 8 हजार विदेशी पर्यटक नागपुर व आस-पास के क्षेत्रों में घूमने आते हैं। मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म विभाग के स्वच्छता एक्शन प्लान की को आर्डिनेटर कामाक्षी माहेश्वरी ने बताया कि साल भर में करीब 8 से 10 लाख विदेशी पर्यटक देश के विभिन्न पर्यटन स्थलों से घूमकर जा चुके हैं। हर साल के मार्च के अंतिम सप्ताह में मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म विभाग के पास राज्य की सरकारें रिकार्ड भेजती हैं। देश में कोरोना के चलते कई तरह की सावधानियां बरती जा रही हैं। उधर, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अधिकारी की मानें तो पिछले चार माह में महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों का भ्रमण करने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या आठ हजार के पार है।

नागपुर में 3 हजार से ज्यादा विदेशी नागरिक आए 
नागपुर में 3 हजार 111 विदेशी नागरिक आ चुके हैं। इसमें कुछ लोग भ्रमण के लिए आए थे और कुछ लोग शिक्षा के लिए। कोरोना के चलते फिलहाल विदेश से आनेवाले विदेशी नागरिकों के आगमन पर रोक लगा दी गई है। 
-श्वेता खेडकर,  पुलिस उपायुक्त, प्रभार विशेष शाखा पुलिस विभाग , नागपुर

इस मसले को लेकर सरकारें गंभीर 
हां, कोरोना को लेकर सभी राज्यों की सरकारें गंभीर हो चुकी हैं। इसमें नागरिकों को भी समझदारी दिखानी होगी। यह सही है िक भारत में विदेशी पर्यटकों का आगमन बड़े पैमाने पर होता है। दिसंबर से मार्च के दरमियान हजारांे की संख्या में विदेशी पर्यटक यहां आ चुके हैं। अब विदेश से आने वाले विमानों पर 31 मार्च तक पाबंदी लगा दी गई।   -कामाक्षी माहेश्वरी,  को-ऑर्डिनेटर, मिनिस्ट्री ऑफ टूरिज्म विभाग के स्वच्छता एक्शन प्लान, नई दिल्ली  
 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।