दैनिक भास्कर हिंदी: ऑनलाइन धोखाधड़ी : फास्ट टैग रिचार्ज के नाम पर वाहन चालक और छात्रा से हजारों की धोखाधड़ी

May 1st, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर। ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले फिर बढ़ने लगे हैं। वाडी क्षेत्र में वाहन का फास्ट टैंग रिचार्ज करने के नाम पर एक वाहन चालक को 15 हजार को चूना लगा दिया। दूसरी घटना में छात्रा के 7 हजार रुपए की ऑनलाइन ठगी की गई। वाहन चालक की गुजारिश करने पर आरोपी ने उसके 8 हजार रुपए वापस खाते में जमा कर दिए, बाकी रकम के लिए धमकाने लगा। यह दोनों मामले वाड़ी थाने में दर्ज कराए गए हैं। ऑनलाइन ठगी के मामले में साइबर पुलिस सेल भी कुछ नही कर पा रही है। इन दिनों शहर में कोरोना संक्रमण के शुरू रहने के कारण साइबर पुलिस सेल की जिम्मेदारी काफी बढ गई है। कुछ दिन पहले इसी तरह से एक युवती को 3 लाख रुपए का चूना लगा दिया गया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार वाड़ी नाका नंबर 10 पॉप्यूलर सोसाइटी निवासी प्रमोद सिंग के बैंक खाते से 25 अप्रैल को अज्ञात आरोपी ने करीब 1500 हजार रुपए नकदी ऑनलाइन उडा लिया। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद प्रमोद को यह बात पता चली कि उनके साथ ऑनलाइन धोखाधडी की गई। प्रमोद के पास मालवाहक वाहन है। उनके वाहन का फास्ट टैग कार्ड ब्लॉक होने हो गया था। उन्होंने एसबीआई के कस्टमर  केयर में 18001235662 पर फोन किया  कर कार्ड शुरू करने के बारे में बातचीत की थी। कस्टमर केयर में फोन करने के समय फोन रिसीव करने वाले ने प्रमोद से पूछा था कि लास्ट रिचार्ज कब किया। उसके बाद उन्हें एक लिंक भेजा। उस लिंक पर जानकारी डालने के लिए कहा गया। प्रमोद उसके झांसे में आकर उस लिंक पर जानकारी डाल दी। कुछ ही देर में प्रमोद के खाते से पहले 10 हजार रुपए और बाद में 5 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिया गया। प्रमोद ने ऑनलाइन ठगी करनेवालों के सामने लॉकडाउन में काम धंधा बंद होने और परिवार के सामने भूखों मरने की नौबत आने की बात की तो आरोपी ने प्रमोद के खाते में 8 हजार रुपए वापस कर दिया। बाकी रकम भूल जाने की सलाह दी। उसके बाद प्रमोद से संपर्क बंद कर दिया। प्रमोद ने साइबर पुलिस सेल में शिकायत की है। प्रमोद ने गत 27 अप्रैल को साइबर पुलिस सेल में शिकायत की। पुलिस ने मामला दर्ज किया है।

छात्रा के छात्रवृति के पैसे उड़ाए

दत्तवाड़ी निवासी अश्विनी अरविंद पवार के खाते से भी बुधवार को शाम 4.15 बजे करीब 7000 रुपए ऑनलाईन उड़ा लिया गया। यह रकम अश्विनी के छात्रवृति के पैसे थे। अश्विनी एमएससी की पढ़ाई कर रही है। राहुल शर्मा नामक व्यक्ति का फोन उसके मोबाइल पर आया। अश्विनी को स्कूल में ही पैसे भरने थे। गरीब परिस्थिति होने से अब पैसे कहां से लाकर भरेंगे यह बड़ा सवाल उनके सामने है। अश्विनी ने भी सायबर पुलिस सेल में शिकायत की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।