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परमबीर की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली समिति, पांडे के इंकार के बाद सरकार का फैसला 

परमबीर की जांच के लिए तीन सदस्यों वाली समिति, पांडे के इंकार के बाद सरकार का फैसला 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह पर लगे आरोपों की जाच के लिए राज्य सरकार ने तीन सदस्यीय समिति गठित की है। एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की अगुआई में यह समिति परमबीर से खिलाफ लगे प्रशासनिक सेवा से जुड़े नियमों के उल्लंघन और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करेगी। समिति सिंह से दो बार पूछताछ कर अपनी रिपोर्ट बांबे हाईकोर्ट के सामने रख सकती है। इससे पहले राज्य सरकार ने दोनों मामलों की जांच का जिम्मा राज्य के कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) संजय पांडे को सौंपा था लेकिन परमबीर ने पांडे पर आरोप लगाया कि वे पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोप वापस लेने का दबाव बना रहे हैं साथ ही आरोप वापस लेने पर उन पर लगे आरोपों को भी रफा दफा करने की बात कर रहे हैं। सिंह ने पांडे के साथ फोन पर की गई अपनी बातचीत की रिकॉर्डिंग भी हाईकोर्ट में पेश की साथ ही उन्होंने सीबीआई को भी यही दावा करते हुए पत्र लिखा।

इसके बाद पांडे ने राज्य सरकार से जांच करने में असमर्थता जाहिर की। राज्य सरकार ने इसके बाद सिंह पर लगे आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बना दी। बता दें कि सिंह ने अपने खिलाफ लगे आरोपों की जांच रोकने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। 1 अप्रैल को तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख ने डीजीपी को इस बात की जांच करने को कहा था कि क्या सिंह ने ऑल इंडिया सर्विस के नियमावली का उल्लंघन किया है। सिंह के खिलाफ दूसरे मामले की जांच राज्य के मौजूदा गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटील ने पांडे को 20 अप्रैल को सौंपी थी। इसके तहत एक पुलिस अधिकारी द्वारा सिंह पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने को कहा गया था। अब दोनों मामलों की जांच नई समिति करेगी।  

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