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शिवसेना पर भरोसा, शरद पवार ने कहा - पांच साल चलेगी सरकार, अगला चुनाव साथ लड़ेंगे 

शिवसेना पर भरोसा, शरद पवार ने कहा - पांच साल चलेगी सरकार, अगला चुनाव साथ लड़ेंगे 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मुलाकात के बाद  राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि उन्हें शिवसेना पर पूरा भरोसा है। इस लिए राज्य की महा विकास आघाडी सरकार अपना कार्यकाल अवश्य पूरा करेगी। गुरुवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 22वें स्थापना दिवस के मौके पर पवार ने यह बात कही। पवार ने अपने सहयोगी दल शिवसेना की तारीफ करते हुए कहा कि उस पर भरोसा किया जा सकता है। राकांपा स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि किसी को भी इस बात पर भरोसा नहीं था कि राकांपा और शिवसेना एक साथ आ सकती है। महाराष्ट्र में एक अलग विचारधारा की सरकार बनी और यह सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी, बल्कि हम लोकसभा और विधानसभा में एक साथ काम करके सामान्य जनता और राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे और हमें इसमें कोई शंका नहीं है।

कांग्रेस-शिवसेना का पुराना है साथ 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की की अकेले में हुई मुलाकात के बाद कई तरह की अटकले लगाई जा रही हैं। इस पर पवार ने कहा कि शिवसेना के साथ हमने कभी काम नहीं किया, लेकिन महाराष्ट्र में शिवसेना को हम काफी सालों से देख रहे हैं और उस पर भरोसा किया जा सकता है। जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद जब चुनाव में हर जगह कांग्रेस की हार हुई, तो शिवसेना कांग्रेस के समर्थन में आगे आई। इस चुनाव में इंदिरा गांधी की मदद के लिए शिवसेना ने विधानसभा चुनाव में एक भी उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया। पार्टी का कोई नेता कभी ऐसा फैसला लेता हैं? इस पर आप विचार कीजिए, लेकिन बाला साहेब ने इसकी कभी चिंता नहीं की। उन्होंने इंदिरा गांधी को चुनाव नहीं लड़ने का अपना वचन निभाया। इसलिए चाहे कोई कुछ भी बोले, शिवसेना अपनी भूमिका निभाएगी।  

हमने जीता जनता का विश्वास 

पवार ने कहा कि महाराष्ट्र विकास आघाड़ी अगले विधानसभा और लोकसभा चुनावों में अच्छा प्रदर्शन करेगा। उन्होंने संकेत दिया कि तीनों दल 2024 में होने वाले चुनाव साथ में लड़ सकते हैं। पवार ने कहा कि देश में अनेक पार्टियां बनी। वर्ष 1977 में जनता पार्टी का प्रयोग हुआ, लेकिन वह 2 साल में खत्म हो गई, अनेक पार्टियां बनी, लेकिन राष्ट्रवादी ने 22 साल पूरे किए। सहयोगियों के कष्ट और जनता के समर्थन की वजह से हम आज यहां तक पहुंचे हैं। जनता का विश्वास जीतने में हम सफल रहे हैं। कभी हमें सत्ता मिली तो कभी नहीं मिली, लेकिन इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। पवार ने कहा कि मराठा आरक्षण व स्थानीय निकाय संस्थाओं की समस्याओं को हमें हल करना है। उन्होंने कहा कि सत्ता अधिक हाथ में जानी चाहिए, सत्ता यदि एक हाथ में रहती है तो वह भ्रष्ट हो जाती है।

स्वास्थ्य मंत्री टोपे की तारीफ

राकांपा सुप्रीमों पवार ने कहा कि कई लोग पार्टी से चले गए, इस वजह से नए लोग आए और नया नेतृत्व तैयार हुआ। मंत्रिमंडल में अनेक लोग नई जवाबदारी को सफलतापूर्वक निभा रहे हैं। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे की तारीफ करते हुए पवार ने कहा कि संकट का सामना करने और लोगों को विश्वास दिलाने के लिए राजेश टोपे के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने अच्छा काम किया और उसका परिणाम यह हुआ कि लोगों का विश्वास बढ़ा कि हम इस संकट से बाहर निकल सकते हैं।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।