दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर में मिले कोरोना प्रभावित और 2 मरीज, 15 में से 2 की रिपोर्ट पॉजिटिव

March 13th, 2020

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद लोगों में इसे लेकर खौफ निर्माण हो गया है। मरीज के परिजनों व उनके संपर्क में आए 15 लोगों की जांच के बाद 13 की रिपोर्ट निगेटिव व 2 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव मिली है।  संदिग्धों को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) के वार्ड नंबर 25 में आइसोलेटेड करके रखा गया है। उधर, सॉफ्टवेयर कंपनी इन्फोसेप्टस ने अपनी कंपनी के कर्मचारी की रिपोर्ट पॉजीटिव आने के बाद से आईटी पार्क और मिहान स्थित दोनों कार्यालयों में अनिश्चितकाल के लिए अवकाश घोषित कर दिया है। 

बता दें कि बुधवार को नागपुर में कोरोना का पहला मरीज मिलने के बाद उसके संपर्क में आए संदिग्ध 15 लोगों की जांच की गई जिसमें से 13 की रिपोर्ट निगेटिव व 2 की पाजीटिव आई है।  नागपुर में कोरोना का मरीज मिलने के जहां स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ गई है वहीं लोगों में भी इसे लेकर खासी दहशत देती जा रही है।  । मरीज की बेटी दाभा स्थित सेंटर प्वाइंट स्कूल में पढ़ती है। वह 9 मार्च को स्कूल गई थी इस दौरान वह वहां के छात्र-छात्राओं और पूरे स्टॉफ के संपर्क में भी आई। वह गुरुवार को भी स्कूल तक पहुंची। यह पूरी जानकारी जैसे ही पैरेंट्स तक पहुंची तो स्कूल में अफरा-तफरी का माहौल बन गए। पैरेंट्स बच्चों को स्कूल से लेने पहुंच गए और इस दौरान वहां के स्टाॅफ से झड़प भी हुई। पूरे मामले में स्कूल प्रबंधन का लापरवाहीपूर्ण रवैया सामनेे आया। 

 इन संदिग्धों की जांच
45 वर्षीय मरीज के परिवार के 5 सदस्यों के अलावा एक कर्मचारी को मेडिकल लाया गया है। इसमें माता-पिता, पत्नी और बेटा-बेटी शामिल हैं। वहीं, घर में काम करने वाली बाई को भी निगरानी में रखा गया है। कुल 6 लोगों को गुरुवार को मनपा की टीम घर लेने पहुंची  सुबह 10.30 बजे इन सभी को मुख्य सचिव के निर्देश पर शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेडिकल) में आइसोलेटेड वॉर्ड में रखा गया। वहीं इनके नमूनों को जांच के लिए इंदिरा गांधी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मेयो) भेजा गया। मरीज की पत्नी की रिपोर्ट के अलावा अन्य एक की रिपोर्ट पाजिटिव बताई जा रही है। 

तीन डॉक्टरों से किया संपर्क 
मरीज की पत्नी ने बताया कि संक्रमित मरीज 5 मार्च को सुबह दोहा के विमान से नागपुर पहुंचा। नागपुर में आने के बाद से बुखार और गले में खराश की समस्या थी, जिस कारण मरीज ने नाक, कान एवं गला रोग विशेषज्ञ को दिखाया। स्वास्थ्य लाभ नहीं मिला और बॉडी पेन की सहित अन्य समस्याएं होने लगी तो श्रद्धानंदपेठ स्थित मेडिसिन विशेषज्ञ को दिखाया। यहां उपचार लेने के बाद बुखार हल्का कम हुआ, लेकिन गले की खराश कम नहीं हुई। इसके बाद 11 मार्च को अपने पारिवारिक मित्र डॉक्टर से सलाह ली तो उन्होंने लक्षण और विदेश यात्रा पर होने के चलते मेयो में कोरोना की जांच करवाने की सलाह दी। सुबह जांच की गई और रात को मरीज को कोरोना होने की पुष्टि हुई।
 


 

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