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दैनिक भास्कर हिंदी: लोकसभा उपचुनाव में उदयनराजे की हार, पवार बोले - सातारा राजगद्दी का सम्मान कायम रखना भी जरुरी

October 24th, 2019

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सातारा लोकसभा उपचुनावों में भाजपा उम्मीदवार उदयन राजे भोसले की हार पर राकांपा प्रमुख शरद पवार ने तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि सातारा की राजगद्दी को लेकर सभी के मन में आदर है लेकिन अगर गद्दी की प्रतिष्ठा कायम नहीं रखी गई तो लोग किस तरह का रुख अपनाते हैं यह नतीजों से साफ हो गया है। बता दें कि 6 माह पहले राकांपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने वाले उदयनराजे इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके इस्तीफे की वजह से हुए उपचुनाव में उदयनराजे को राकांपा के श्रीनिवास पाटील के हाथों हार का सामना करना पड़ा। राकांपा उपचुनावों में ‘सम्मान राजगद्दी को लेकिन वोट राष्ट्रवादी को’ का नारा देते हुए चुनाव मैदान में उतरी थी। चुनावों में भोसले को 294462 जबकि पाटील को 366721 वोट मिले। नतीजों के बाद पवार ने कहा कि सातारा के लोगों ने उन्हें हराया जो (उदयनराजे) राजगद्दी का आदर नहीं करते। वे खुद सातारा जाकर पाटील को जिताने वाली जनता का आभार प्रदर्शन करेंगे। 

पैर जमीन पर होने चाहिए 

पवार ने अपेक्षा के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने वाली भाजपा-शिवसेना पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि जनता को सत्ता का उन्माद नहीं पसंद है। राजनीति में सत्ता आती जाती रहती है लेकिन पैर जमीन पर रखने पड़ते हैं। चुनावों से पहले पार्टियां बदलने वाले नेताओं पर टिप्पणी करते हुए पवार ने कहा कि कुछ अपवादों को छोड़कर दलबदल करने वाले ज्यादातर नेताओं को जनता ने नकार दिया है। नतीजे अपनी पार्टी छोड़कर जाने वालों के अनुकूल नहीं रहे हैं। उन्होंने बताया कि दीपावली के बाद सभी विधायकों और मित्र दलों के साथ बैठक करेंगे। पवार ने कहा कि आगे पार्टी को और मजबूत करने के लिए काम किया जाएगा। उन्होंने पार्टी के लिए मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं का भी आभार माना।   

शरद पवार की सातारा की सभा ने दी राकांपा को नवसंजीवनी

उधर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार ने सातारा लोकसभा उपचुनाव के लिए अपने बचपन के दोस्त श्रीनिवास पाटील के लिए भारी बारिश में भीगकर सभा को संबोधित किया। सांसद उदयनराजे भोसले ने राकांपा छोड़ अपने पद से इस्तीफा देते हुए भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। भोसले के प्रवेश से राकांपा के गढ़ को ध्वस्त करने की रणनीति भाजपा ने बनाई थी, लेकिन यह रणनीति पवार के आगे फीकी पड़ गई। विधानसभा चुनावों के साथ सातारा सीट के लिए लोकसभा उपचुनाव हुआ। जिसके नतीजे भाजपा के लिए ठीक साबित नहीं हुए।