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सरकार के दबाव में दूरदर्शन दबा रहा विपक्ष की आवाज - कांग्रेस

सरकार के दबाव में दूरदर्शन दबा रहा विपक्ष की आवाज - कांग्रेस

डिजिटल डेस्क, मुंबई। जिस दूरदर्शन ने कभी देश में ज्ञान की अलख जताई थी, उसी पर अब आवाज दबाने के आरोप लग रहे हैं। ये आरोप कांग्रेस ने लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि दूरदर्शन सरकार के दबाव में विपक्षी पार्टियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। इसी के चलते मतदान की अपील करने वाली कांग्रेस पार्टी की स्क्रिप्ट में बदलाव कर दिया गया। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस समिति के महासचिव और प्रवक्ता सचिन सावंत ने यह आरोप लगाया है। सावंत के मुताबिक दूरदर्शन की यह हरकत विपक्ष के संवैधानिक अधिकारों और अपनी बात रखने की स्वतंत्रता का लगा घोंटने वाली है।

कांग्रेस की चुनाव प्रचार स्क्रिप्ट में किया बदलाव 

सावंत के मुताबिक दूरदर्शन पर राजनीतिक दलों को चुनाव प्रचार के लिए टाईम स्लॉट मिलता है। इसके लिए कांग्रेस ने एक स्क्रिप्ट दी थी। कांग्रेस की स्क्रिप्ट में लिखा हुआ था कि ‘पिछले पांच सालों में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंख में धूल झोंकने और झूठ बोलने के अलावा कुछ नहीं किया है।’ लेकिन दूरदर्शन की जांच समिति ने इन शब्दों को स्क्रिप्ट से निकाल दिया। सावंत ने कहा कि किसी कार्यक्रम में अपनी बात रखने का विपक्ष को संवैधानिक अधिकार है लेकिन दूरदर्शन ने इस पर रोक लगा दी है। सावंत ने कहा कि इस तरह विपक्ष को अपनी बात रखने से रोकना आपत्तिजनक है और दूरदर्शन यह लिखकर दे कि स्क्रिप्ट से वह शब्द क्यों निकाले गए और क्या मुख्यमंत्री हमेशा सच बोलते हैं। ऐसा होने तक हम रिकॉर्डिंग नहीं करेंगे। 

विपक्ष की आवाज दबा रहा दूरदर्शन

उन्होंने सवाल किया कि सरकार के कामकाज पर टिका टिप्पणी से रोकने का अधिकार दूरदर्शन को किसने दिया। यह साफ होना चाहिए कि दूरदर्शन किसके दबाव में विपक्ष को मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलने से रोक रहा है। क्या दूरदर्शन सिर्फ सरकार की आवाज जनता तक पहुंचाने के लिए है। सावंत ने कहा कि विपक्ष को सरकार की आलोचना का अधिकार संविधान ने दिया है और इस पर रोक स्वीकार नहीं किया जाएगा।      

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।