दैनिक भास्कर हिंदी: जिला परिषद के स्कूलों में  पहले दिन यूनिफार्म मिलना मुश्किल,  बजट नहीं हो सका मंजूर

June 6th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर। स्कूल खुलने पर पहले दिन स्टूडेंट्स यूनिफार्म में नहीं दिख सकेंगे। इसकी खास वजह जिला परिषद की शिक्षा समिति ने अपने अधीनस्थ सभी स्कूलों में एक समान यूनिफार्म  रखने का निर्णय लिया है। अब एक समान यूनिफार्म लागू किए जाने से पुराने गणवेश बेकार हो गए हैं। नए यूनिफार्म के लिए बजट मंजूर नहीं हुआ है। यूनिफार्म को डीबीटी से मुक्त कर दिया गया है। निधि आवंटित होने के बाद स्थानीय स्तर पर यूनिफार्म खरीदी प्रक्रिया होगी। इसलिए पहले दिन स्टूडेंट्स यूनिफार्म में नजर नहीं आएंगे। 

नहीं कोई आसार

सरकारी स्कूलों में  स्टूडेंट्स संख्या कम होने से इस रोकने के लिए समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत मध्याह्न भोजन,  नि:शुल्क पाठ्यपुस्तक और शालेय यूनिफार्म की योजना चलाई जाती है। 26 जून को स्कूल खुलेंगे। यानी 20 दिन स्कूल खुलने के लिए बचे हैं। समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत शैक्षणिक बजट मंजूर होना अभी बाकी है। बजट मंजूर होने के बाद निधि आवंटित होगा। सरकार की ओर से अभी तक नियोजन नहीं किए जाने से स्टूडेंट्स को पहले दिन यूनिफार्म मिलने की दूर-दूर तक संभावना नजर नहीं आ रही है। 

गणवेश डीबीटी मुक्त

सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने सरकार ने दो वर्ष पहले डीबीटी लागू की। पहले लाभ वस्तु खरीदी कर बिल जमा करने पर अनुदान सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में जमा किया जाता है। शालेय यूनिफार्म को भी डीबीटी के दायरे में लाया गया था। सरकारी स्कूलों में गरीब परिवार के बच्चे पढ़ते हैं। उनके पास यूनिफार्म खरीदी के लिए पैसा नहीं रहने से अनेक स्टूडेंट्स बिना यूनिफार्म के रह जाते थे। इसमें पालकों को परेशानी होती देख जनप्रतिनिधियों ने इसे तीव्र विरोध किया। इसे देखते हुए सरकार ने इस वर्ष शालेय यूनिफार्म को डीबीटी से मुक्त कर दिया। 4 जून को इस संबंध में शासनादेश जारी किया गया है। 

स्कूल प्रबंधन कमेटी को खरीदी के अधिकार

शालेय यूनिफार्म खरीदी के अधिकार स्थानीय स्कूल प्रबंधन कमेटी को दिए गए हैं। समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत मंजूर निधि स्कूल प्रबंधन कमेटी के सुपुर्द किया जाएगा। जिला परिषद की शिक्षा समिति के निर्णय के अधीन रहकर स्कूल प्रबंधन कमेटी को गणवेश खरीदी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 

इसलिए होगा विलंब

समग्र शिक्षा अभियान के शैक्षणिक बजट को मंजूरी मिलने के बाद निधि आवंटित किया जाएगा। अनुदान प्राप्त होने पर गणवेश के लिए कपड़ा खरीदी और यूनिफार्म सिलने की निविदा जारी करना अपेक्षित है। इस प्रक्रिया में काफी समय खर्च होने से स्टूडेेंट्स को यूनिफार्म के लिए कुछ दिन प्रतीक्षा करनी पड़ सकती है।