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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर के 20 गाँवों के 200 प्रशिक्षित परिवारों के कुम्हार को विदूयत चालित चाक वितरित किए

October 01st, 2020 16:21 IST
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांधीनगर के 20 गाँवों के 200 प्रशिक्षित परिवारों के कुम्हार को विदूयत चालित चाक वितरित किए

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। गृह मंत्रालय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने गांधीनगर के 20 गाँवों के 200 प्रशिक्षित परिवारों के कुम्हार को विदूयत चालित चाक वितरित किए समाज के गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विद्युत चालित चाक के वितरण से अहमदाबाद जिले के प्रजापति समाज के 200 परिवारो को नई दिशा मिलने जा रही है कुम्हार सशस्तिकरण योजना देश की पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की एक अभूतपूर्व पहल खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने कुम्हार भाइयों-बहनों को प्रशिक्षित कर अन्य उपकरण भी वितरित किये हैं जिससे उनका काम सरल होगा और समय की बचत के साथ साथ उनके उत्पादन व आय में वृद्धि होगी Posted On: 30 SEP 2020 4:44PM by PIB Delhi केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र के 20 गाँवों के 200 प्रशिक्षित परिवारों के कुम्हार को विदूयत चालित चाक वितरित किए। इस अवसर पर श्री अमित शाह ने कहा कि समाज के गरीब व वंचित वर्ग को सशक्त कर उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पंडित दीनदयाल उपध्याय जी ने कहा था गरीबो के घर में दिए जलाने से और उन्हे रोजगारी देने से बडा काम कोई नही है। विद्युत चालित चाक के वितरण से अहमदाबाद जिले के प्रजापति समाज के 200 परिवारो को नई दिशा मिलने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि कुम्हार सशस्तिकरण योजना देश की पारंपरिक कला को पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की एक अभूतपूर्व पहल है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग ने कुम्हार भाइयों-बहनों को प्रशिक्षित कर अन्य उपकरण भी वितरित किये हैं जिससे उनका काम सरल होगा और समय की बचत के साथ साथ उनके उत्पादन व आय में वृद्धि होगी। श्री अमित शाह ने कहा कि पीएम मोदी ने स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग पर ज़ोर दिया है। आज पर्यावरण के प्रति लोगो में जागृति आ रही है, घरों में मिट्टी के बर्तनों का उपयोग बढ रहा है। लोग रोटी बनाने के लिए लोहे की जगह मिट्टी के तवे का उपयोग करने लगे हैं। लोगों ने फ्रीज के पानी की जगह मटके का पानी पीना शुरु किया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा कि रेलवे स्टेशन और दूसरी जगह प्लास्टीक की चीजो का उपयोग बंद कर के कुल्हड और मिट्टी के दीए जैसी वस्तुएँ पहुंचाने का प्रयास किया गया है, जिससे रोजगार को खूब बढावा मिलेगा। कुछ दिनों में नवरात्रि भी आ रही है उसके बाद शरद पूनम और दिवाली के त्यौहार आएंगे, इसलिए दीयों और मिट्टी की अन्य वस्तुओं की खपत बढेगी। श्री अमित शाह ने खादी और ग्रामोद्योग आयोग से रेलवे के साथ प्रजापति समाज का टाई अप कराने की अपील की ताकि वे एक संस्था बना कर रेलवे को अपनी वस्तुएँ बेच सकें। उन्होने कहा कि गुजरात में सहकारी मॉडल मजबूत है। तालुका स्तर की सहकारी संस्था प्रजापति समाज से कुल्हड खऱीदे इससे सामान बेचने के लिए बाहर जाने की जरुरत नही पडेगी । इससे पहले श्री अमित शाह ने 24 जुलाई को गांधीनगर ज़िले के बालवा गाँव के 40 कुम्हार परिवारों को विदूयत चालित चाक वितरित किए थे। इस योजना के अंतर्गत अब तक गुजरात के 840 कुम्हार परिवारों को विदूयत चालित चाक दिये गए हैं जिससे उन्हे उनके गृह स्थान पर ही रोजगार उपलब्ध हुआ है। गांधीनगर और अहमदाबाद में बड़ी संख्या में कुम्हार परिवार रहते हैं जो अपनी परंपरागत चाक पर मिट्टी के बर्तन, दीये और गमले आदि बनाकर उन्हें राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में बेचते हैं। ऐसे प्रशिक्षित कुम्हार परिवारों को विदूयत चालित चाक दिये जाने से उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ ही उनकी आय में वृद्धि भी हुई है। कुम्हार सशस्तिकरण योजना के फलस्वरूप उनकी आय 2,500-3,000 रूपये प्रतिमाह से बढ़कर 10,000 रूपये प्रतिमाह तक हो गई है। भारत सरकार के खादी और ग्रामोद्योग आयोग की कुम्हार सशस्तिकरण योजना के तहत सभी लाभार्थियों को 10 दिन का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही कुम्हार परिवारों को ब्लंजर मशीन तथा पग मिल भी वितरित किए जा रहे हैं जिससे मिट्टी को मिलाने का काम आसान होगा और कम समय में ज्यादा मिट्टी तैयार की जा सकेगी। विदूयत चालित चाक पर कुम्हार चक की गति को भी नियंत्रित कर सकेंगे जिससे काम करना सरल होगा तथा उत्पादन में वृद्धि होगी। इस योजना का उद्देश्य विदूयत चालित चाक के माध्यम से कुम्हारों की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है ताकि उनकी आय में वृद्धि हो। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि कुम्हार समुदाय को सशक्त कर समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाये।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।