सत्ताधारी और विपक्ष आमने-सामने : अकोला मनपा में भ्रष्टाचार को लेकर विधान परिषद में हंगामा

December 28th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। विधान परिषद में अकोला मनपा में हुए भ्रष्टाचार के मुद्दे पर मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ। इस मुद्दे पर सत्ताधारी और विपक्ष के सदन आमने-सामने आ गए। इस बीच प्रदेश के नगर विकास राज्य मंत्री प्राजक्त तनपुरे ने अकोला केतत्कालीन आयुक्त को निलंबित करने की घोषणा की। दरअसल सदन में शिवसेना सदस्य गोपीकिशन बाजोरिया ने ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए अकोला मनपा में बीते पांचसालों में हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया था। इस पर आपत्ति जताते हुए विधान परिषदमें विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने कहा कि अकोला मनपा का मामला बाम्बे हाईकोर्टकी नागपुर खंडपीठ में दाखिल है। इसलिए इस मुद्दे पर सदन में चर्चा नहीं की जा सकती। जिसके बाद सदन में उपसभापति नीलम गोर्हे ने नियमों का हवाला देते हुए कहा किबाजोरिया सदन में इस मुद्दे को उठा सकते हैं। इसके बाद बाजोरिया ने कहा कि अकोलामनपा में पिछले पांच सालों से भ्रष्टाचार चल रहा है। मनपा की स्थायी समिति और आमसभा में गलत तरीके से प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसी के आधार पर काम स्वीकृतकरके भ्रष्टाचार किया गया है। इसलिए राज्य सरकार से अकोला मनपा को बर्खास्त कर दे। बाजोरिया के इस बयान से नाराज विपक्ष के सदस्य सभापति के आसान के सामने आ गए। इस कारण सदनकी कार्यवाही 10 मिनट के लिए स्थगित करनी पड़ी। सदन काकामकाज दोबारा शुरू होने पर राज्यमंत्री तनपुरे ने कहा कि इस मामले की जांच केलिए समिति गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार अकोला मनपा के 20 प्रस्तावों में से 7 प्रस्ताव गलत तरीके सेमंजूर कराए गए हैं और इन प्रस्तावों के आधार पर काम किए गए हैं। इसलिए तत्कालीन आयुक्तको निलंबित किया जाएगा। तनपुरे ने कहा कि अकोला मनपा का मामला अदालत में है। इसलिएइस मामले में लिप्त अन्य अधिकारियों को उनके मौजूदा पद से हटाकर दूसरे पद पर नियुक्तकिया जाएगा। इस दौरान सदन में विपक्ष के सदस्यों ने सदन से बर्हिगमन भी किया।

विपक्ष ने उपसभापति गोर्हे के खिलाफ दिया अविश्वास प्रस्ताव नोटिस

विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर ने सदन की उपसभापति नीलम गोर्हे के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की सूचना संबंधी पत्र सभापति रामराजे नाईक-निंबालकर को दिया है। विधानभवन परिसर में पत्रकारों से बातचीत मेंदरेकर ने यह जानकारी दी। दरेकर ने कहा कि उपसभापति सदन की कार्यवाही में पक्षपातकरती हैं। मैंने सदन में उपसभापति से कहा कि अकोला मनपा में हुए भ्रष्टाचार कामुद्दा अदालत में है। इसलिए इस मामले में सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिएचर्चा नहीं की जा सकती है। लेकिन इसके बावजूद उपसभापति ने शिवसेना के सदस्य बाजोरिया को अकोला मनपा का मुद्दा उठाने की अनुमति दी। मैं इस प्रस्ताव पर सदन मेंबोलना चाह रहा था लेकिन उपसभापति ने मुझे सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी।

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