दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र के इन पांच शहरों में तैयार हो रहे हैं उर्दू घर, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा बकाया वेतन

June 30th, 2021

डिजिटल डेस्क, मुंबई। राज्य का अल्पसंख्क विभाग महाराष्ट्र में पांच जगहों पर उर्दू घर बना रहा है। ये उर्दू घर नांदेड, सोलापुर, मालेगांव, मुंबई व नागपुर में बनाए जा रहे हैं। राज्य के अल्पसंख्क विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि इससे मराठी और उर्दू भाषा के विद्वान, लेखकों के बीच विचारों का अदान-प्रदान हो सकेगा। यहां गैर उर्दूभाषी यह भाषा सीख सकेंगे। मलिक ने बताया कि नांदेड में उर्दू घर के लिए 8 करोड़ 16 लाख रुपए की निधि मंजूर की गई है। इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही इसका लोकार्पण होगा। सोलापुर में उर्दू घर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसके लिए अब तक 6 करोड़ 82 लाख की निधि दी जा चुकी है। मालेगांव के उर्दू घर का काम पूरा हो चुका है। इसे शुरु करने की कार्यवाही चल रही है। मुंबई में उर्दू घर मुंबई विश्वविद्यालय के कालिना परिसर में बनाया जाएगा। इसे लेकर विश्वविद्यालय के पास प्रस्ताव भेजा गया है। मंत्री ने बताया कि नागपुर के इस्लामिक कल्चरल सेंटर इमारत में उर्दू घर विकसित किया जा रहा है। इसके लिए 50 लाख रुपए की निधि दी गई है। उस उर्दू घर का काम जल्द से जल्द पूरा करने की कार्यवाही चल रही है। उन्होंने बताया कि इन उर्दू घरों में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नियोजन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सांस्कृतिक समिति और उपजिलाधिरी की अध्यक्षता में सांस्कृतिक उप समिति स्थापिक की गई है। मलिक ने बताया कि उर्दू घरों के पुस्तकालय में उर्दू, हिंदी, मराठी भाषा के समाचार पत्र व पुस्तकें उपलब्ध रहेंगी। नई दिल्ली के नेशनल काउंसिल फॉर उर्दू लैग्वेज संस्था की तरफ से चलाए जाने वाले विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम की तर्ज पर उर्दू घर में भी प्रशिक्षण कारर्यक्रम चलाए जाएंगे। यहां गैर उर्दूभाषियों को उर्दू सिखाने के लिए क्लास चलाई जाएगी।      

सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा बकाया वेतन

वहीं राज्य के सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को 1 जुलाई 2020 को अदा किए जाने वाले 7 वें वेतन आयोग के अनुसार बकाया वेतन की दूसरी किस्त अगस्त महीने के वेतन के साथ भुगतान कर दिया जाएगा। जबकि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बकाया पेंशन की दूसरी किस्त जुलाई महीने के पेंशन वेतन के साथ नकदी के रूप में अदा की जाएगी। बुधवार को राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इस संबंध में शासनादेश जारी किया है। राज्य के सभी जिला परिषद, सरकार के अनुदानित स्कूल और अन्य सभी शासन अनुदानित संस्थाओं के पात्र कर्मचारियों को बकाया वेतन की दूसरी किस्त सितंबर महीने के वेतन के साथ अदा की जाएगी। भविष्य निर्वाह निधि योजना लागू होने वाले राज्य के सरकारी कर्मचारियों, जिला परिषद, सरकारी अनुदानित स्कूलों और संस्थाओं के कर्मचारियों का बकाया वेतन राशि भविष्य निर्वाह निधि योजना के खाते में जमा की जाएगी। राष्ट्रीय पेंशन योजना अथवा अंशदायी पेंशन योजना के कर्मचारियों का बकया वेतन नकदी के रूप में अदा किया जाएगा। इससे पहले सरकार ने कोरोना संकट के कारण 23 जून 2020 को सरकारी कर्मचारियों और पेंशन धारकों के बकाया वेतन की दूसरी किस्त देना एक साल के लिए टाल दिया था।