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अब तक नहीं भरे गए परिवहन विभाग के खाली पद, सरकार के रवैए से अदालत नाराज  

July 23rd, 2018 20:28 IST
अब तक नहीं भरे गए परिवहन विभाग के खाली पद, सरकार के रवैए से अदालत नाराज  

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने परिवहन विभाग में रिक्त पदों को भरने व वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र जारी करने को लेकर अदालत के निर्देशों का पालन न किए जाने के मुद्दे पर राज्य सरकार के रुख पर नाराजगी जाहिर की है। प्रकरण को लेकर सरकार के रवैए पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए बेंच ने कहा कि हमने फरवरी 2016 में परिवहन विभाग की जरुरत के हिसाब से एक हजार टेक्निकल असिस्टेंट के पदों को भरने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक यह पद नहीं भरे गए है। 

सरकार ने अपने पहले के हलफनामे में कहा था कि पद रिक्त होने के चलते परिवहन विभाग के कामकाज में मुश्किले आ रही हैं। फिर भी ढाई साल का वक्त बीत जाने के बाद भी सरकार ने नियुक्ति की प्रक्रिया को पूरा नहीं किया है। इसलिए सरकार हमारे सामने साल 2016 के बाद परिवहन विभाग के जो भी प्रधान सचिव हुए है उनके नाम की सूची मंगलवार को पेश करे हम सभी के खिलाफ न्यायालय की अवमानना का नोटिस जारी करेंगे। या फिर हमे मौजूदा परिवहन विभाग के प्रधान सचिव अभिस्वीकृति (अंडरटेकिंग) दे कि वे अपनी निगरानी में अदालत के निर्देशों का पालन कराएंगे। 

इस बीच बेंच ने कहा कि सरकार ने नियमों के विपरीत चलनेनवाले वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। लेकिन इस दौरान जिन वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं मिले हैं। उन्हें सड़कों पर चलने से रोकने की जिम्मेदारी किसकी है? इसकी स्पष्ट जानकारी भी हमारे सामने नहीं पेश की गई है। 

तो खत्म कर दो नियम-कानून
सरकार के रवैए से नाराज बेंच ने कहा कि यदि सरकार नियमों का पालन नहीं करना चाहती है तो वह मोटर व्हीकल कानून में एक संसोधन कर इन नियमों को समाप्त कर दे। सारी परेशानी खत्म हो जाएगी। यदि नियम रहेंगे तो उसे लागू कराना अदालत का दायित्व है। यह सब हम आम नागरिक के हित में कर रहे हैं। इससे पहले सरकारी वकील अभिनंदन व्यज्ञानी ने कहा कि सरकार ने नियुक्ति को लेकर जानबूझ कर देरी नहीं की है। मुकदमेबाजी के चलते देरी हुई है। हम जल्द से जल्द रिक्त पदों को भरेंगे। इसके अलावा जिन वाहनों के पास फिटनेस प्रमाणपत्र नहीं होता हम उनके दस्तावेज अपने पास रखते हैं। 

उपभोक्ता से जुड़े मामलों को देखने वाले 
इस बीच हाईकोर्ट ने जिला उपभोक्ता फोरम को जरुरी 5 हजार वर्ग मीटर जगह न आवंटित किए जाने के मुद्दे पर उपभोक्ता मामलों को देखने वाले प्रधान सचिव को न्यायालय की अवमानना कानून के तहत कारण बताओं नोटिस जारी किया है। जस्टिस अभय ओक की बेंच ने कहा कि अदालत ने काफी पहले इस संबंध में आदेश जारी किया था। फिर भी अदालत के निर्देशों का पालन नहीं हुआ है। बेंच ने मामले की सुनवाई तीन सप्ताह बाद रखी है और संबंधित विभागों को जगह दिए जाने की औपचारिकता को पूरा करने को कहा है। 

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