comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

सिवनी: ग्राम बिहिरिया कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित

July 24th, 2020 12:09 IST
सिवनी: ग्राम बिहिरिया कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित

डिजिटल डेस्क, सिवनी। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ राहुल हरिदास फटिंग द्वारा छपारा विकासखण्ड के ग्राम बिहिरिया के एक व्यक्ति के कोरोना पॉजिटिव पाऐ जाने पर संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए संक्रमित व्यक्ति के मकान को एपी सेंटर घोषित किया है तथा एपी सेंटर के आसपास की चिन्हांकित सीमा को 21 दिनों के लिए कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित किया गया है। साथ ही सर्वे कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने उक्त क्षेत्र की व्यवस्था एवं निगरानी हेतु जिला सर्विलेंस टीम (डीएसटी), कॉन्टेक्ट ट्रेकिंग टीम, कॉन्टंमेंट इनफोर्समेंट टीम (सीईटी), एक्टिव सर्विलेंस टीम (एएस), सुपरवाईजरी मेडिकल टीम, अति आवश्यक सामग्री आपूर्ति टीम, काउंसलिंग टीम, आईईसी टीम का गठन कर इन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी हैं। जारी आदेशानुसार कन्टेनमेंट क्षेत्र के समस्त रहवासियों को होम कोरोनटाईन में रहने के निर्देश दिए गए हैं तथा उपरोक्त क्षेत्र में आवागमन पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा तथा क्षेत्र में एक ही एन्ट्री पाइंट और एक ही एक्जीट पॉईंट बनाया गया है। कॉन्टेक्ट ट्रेकिंग टीम को संक्रमित व्यक्ति से संपर्क में आये समस्त व्यक्तियों की जानकारी एकत्रित करने तथा उन्हें कोरोनटाईन करने के निर्देश दिए गए हैं। एक्टिव सर्विलेंस टीम (एएस) को कंटेनमेंट क्षेत्र के प्रत्येक रहवासियों का घर-घर जाकर सर्वेलंस करने के निर्देश जारी किए गए हैं। सभी कार्य जिला सर्वेलेंस टीम के मार्गदर्शन एवं पर्यवेक्षण में किए जायेंगे इसके लिये अनुविभागीय दंडाधिकारी लखनादौन को नोडल अधिकारी (इन्सीडेंट कमाण्डर) नियुक्त किया गया है। प्रतिदिन होम क्वारंटाईन व्यक्तियों को फोन /वीडियो कॉल के माध्यम से काउंसलिंग हेतु काउंसलिंग दल का गठन किया गया है। इसी तरह मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत छपारा को उक्त क्षेत्र को सेनिटाईज कराने के निर्देश दिए गए हैं तथा कन्टेनमेंट क्षेत्र में अति आवश्यक सामग्री के होम डिलिवरी का दायित्व सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं अनुविभागीय अधिकारी कृषि श्री मौरिशनाथ को सौंपा गया है। कन्टेनमेंट क्षेत्र के डाटा के विश्लेषण हेतु कन्ट्रोल रूम स्थापित किया जा कर प्रबंधक ई गवर्नेस सोसायटी सिवनी श्री राहुल शिवहरे को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

कमेंट करें
m8XRL
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।