दैनिक भास्कर हिंदी: ग्रामीणों ने तेंदुए को मारने के लिए पुलिया के अंदर कैद किया, पुलिस ने संभाला मामला

December 13th, 2018

डिजिटल डेस्क, सिवनी। यहां बीती रात गांव में घुस आए एक तेंदुए को ग्रामीणों ने न केवल 9 घंटे तके कैद रखा बल्कि उसे जान से मारने की भी कोशिश की किंतु पुलिस के पहुंच जाने से मामला संभल गया। इस संबंध में बताया गया है कि दक्षिण सामान्य वन मंडल के मेहरापिपरिया गांव में बुधवार की शाम एक तेंदुए ने ग्रामीणों और वन महकमे को परेशान कर दिया। गांव में शिकार की तलाश में आए तेंदुए के जोड़ों में से एक लोगों की आवाज सुनकर पुलिया के अंदर जाकर दुबक गया। ग्रामीणों ने पुलिया को दोनों ओर से बंद कर तेंदुए को कैद कर रखा। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हो गए और तेंदुए को मारने की बात पर अड़ गए। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग का अमला और पुलिस बल मौके पर पहुंचा। देर रात करीब ढाई बजे रेस्क्यू कर तेंदुए को पिंजरे में कैद कर उसे जंगल में ले जाकर छोड़ दिया गया।

क्या थी घटना
जानकारी अनुसार शाम को गांव में बकरिया चरा रहे चरवाहे को दो तेंदुए नजर आए। इस बीच तेंदुए एक बकरी का शिकार करने की कोशिश ही कर रहे थे कि ग्रामीण ने शोर मचाना शुरु कर दिया। वहीं अन्य लोग भी एकत्रित हो गए। एक तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया जबकि दूसरा घबराकर पास की एक पुलिया के अंदर जा घुसा। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिया के दोनों और पत्थर और बोर लगा दिए ताकि तेंदुआ बाहर ने आ सके।

लोग बोले मार दो
रात भर ग्रामीणों का जमघट घटना स्थल पर लगा रहा। वे तेंदुए को मारने की बात करते रहे। विवाद की स्थिति देख पुलिस ने मोर्चा संभाला और ग्रामीणों को वहां से हटाया। बाद में किसी तरह ग्रामीणों को समझाइश दी गई। पुलिया के एक हिस्से में पिंजरा का मुंह खुला रखा गया और दूसरी और पटाखे फोड़े गए। बाद में किसी तरह तेंदुए पिंजरे में कैद हुआ। ग्रामीण फिर से तेंदुए को दिखाने की बात पर अड़ गए। अलसुबह तेंदुए को जंगल में छोड़ दिया गया।

इनका कहना है
रात में करीब ढाई बजे तेंदुए को रेस्क्यू कर उसे पकड़ा गया। ग्रामीणों को समझाइश देकर उन्हें शांत कराया गया।
टीएस सूलिया, डीएफओ, दक्षिण सामान्य वन मंडल