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वॉकिंग ट्रैक लड़खड़ा रहे कदम, वन विभाग ने बिछा दिए बड़े-बड़े पत्थर, लोग हो रहे चोटिल

वॉकिंग ट्रैक लड़खड़ा रहे कदम, वन विभाग ने बिछा दिए बड़े-बड़े पत्थर, लोग हो रहे चोटिल

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  सेमिनरी हिल्स के जंगल में वन विभाग ने बनाए वॉकिंग ट्रैक पर इन दिनों वॉकर्स लड़खड़ा कर गिर रहे हैं। वन विभाग के कर्मचारी व ठेकेदारों ने ट्रैक पर मिट्टी के साथ बड़े-बड़े पत्थर बिछा दिए हैं। उसे समतल करना भूल गए हैं। इससे वॉकिंग ट्रैक पर घूमने आने वाले वॉकर्स लड़खड़ाकर गिर रहे हैं। हाल ही में एक वॉकर्स पत्थर के कारण गिर पड़ा। उसके पैरों में गंभीर चोटें आयी हैं। यही हाल अन्य वॉकर्स के साथ भी हो रहा है। 

चोटिल हो रहे घूमने वाले
इस ट्रैक पर घूमने के लिए शहर के दूर-दराज से वॉकर्स आते हैं। लगभग 5 से 6 किमी का यह वॉकर्स ट्रैक है। एक सेमिनरी हिल्स से जापानी गार्डन के लिए जाता है और दूसरा सेमिनरी हिल्स, बालोद्यान  से गोल घूमकर वापस बालोद्यान की तरफ आता है। पिछले कुछ दिनों से सेमिनरी हिल्स से जापानी गार्डन का वॉकिंग ट्रैक अस्त-व्यस्त पड़ा है। वनविभाग ने इस ट्रैक पर जगह-जगह मिट्टी डाल रखी है। मिट्टी के साथ कई जगहों पर बड़े-बड़े पत्थर भी बिछा दिए हैं। मिट्टी और पत्थर डालने के बाद इसे समतल करना जरूरी था, लेकिन उसे वैसा ही छोड़कर भाग गए।

वॉकिंग ट्रैक पर घूमने वालों को खासी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। पत्थर और जमीन को समतल नहीं किए जाने से वॉकर्स आए दिन ट्रैक पर लड़खड़ा रहे हैं। पत्थर की ठोकर लगने से कई लोग गिर चुके हैं। सुबह घूमने आने वाले युवराज नलोडे पत्थरों के कारण बुरी तरह ट्रैक पर गिर पड़े। उनके पैर व घुटनों में गंभीर चोटें आयी हैं। ट्रैक पर घूमने वाले ज्यादातर वरिष्ठ नागरिक होने से समस्या और बढ़ गई है। वे इन पत्थरों के कारण ट्रैक पर घूमने से बच रहे हैं। कई लोग आधा ट्रैक घूमकर ही लौट जाते है। वॉकर्स ने इस संबंध में कई बार वनविभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन कोई इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है।

नहीं हो सका संपर्क
दैनिक भास्कर’ ने भी वनविभाग के उप-वनसंरक्षक प्रभुनाथ शुक्ला से इस बारे में संपर्क करने का प्रयास किया, किन्तु कोई प्रतिसाद नहीं मिला। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।