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साल भर भी हो सकती है पानी कटौती : बावनकुले

साल भर भी हो सकती है पानी कटौती : बावनकुले

डिजिटल डेस्क,नागपुर। शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि, यह संकट प्राकृतिक है। शहर को बहुत अधिक पेयजल दिया जाता है। यहां भूजल स्रोत का उपयोग बढ़ाने की आवश्यकता है। बावनकुले ने यह भी कहा कि,  पानी की कटौती एक माह नहीं, एक साल तक भी हो सकती है। सभी को इस संकट के मूल कारण को समझना होगा। कोराडी में बिजली प्रोजेक्ट में पानी के उपयोग को लेकर हुए प्रदर्शन को राजनीतिक ठहराते हुए उन्होंने कहा कि, प्रोजेक्ट में सीवेज के पानी का उपयोग किया जाता है। प्रदर्शनकारी वास्तविकता को नहीं जानता है।  प्रेस कांफ्रेंस में पालकमंत्री बावनकुले बोल रहे थे। जिले में जलापूर्ति व्यवस्था की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि, शहर को मिलने वाला पानी मध्यप्रदेश के चौरई बांध पर निर्भर रहा है। चौरई बांध पानी के उपयोग की भागीदारी के संबंध में मध्यप्रदेश व महाराष्ट्र सरकार के बीच की अड़चन को 15 वर्ष में दूर नहीं किया गया। अब मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस विशेष तौर पर उपाय योजना कर रहे हैं। उपाय योजना के तहत ही कन्हान नदी का पानी तोतलाडोह में ले जाया जाएगा। 3 हजार करोड़ की योजना को मंजूरी दी गई है।

मनपा को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं

इसके अलावा कन्हान नदी के पानी को टनल से अन्य क्षेत्र के लिए ले जाने की भी योजना मंजूर की गई है। शहर में जलापूर्ति के संकट के लिए मनपा या मनपा की सत्ता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। 

नवनीत राणा को नोटिस

बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने सोमवार को अमरावती की सांसद नवनीत कौर राणा को नोटिस जारी कर 24 अगस्त तक जवाब मांगा। आनंदराव अडसूल व सुनील भालेराव ने दो स्वतंत्र याचिकाएं दायर करके राणा की सदस्यता रद्द करने की प्रार्थना की है। याचिकाकर्ता के अनुसार अमरावती लोकसभा संघ अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित होने के बावजूद 'लुहाणा' जाति की राणा ने यहां से चुनाव लड़ा। उनकी जीत से आरक्षित प्रवर्ग के उम्मीदवारों के हित बाधित हुए हैं। जबकि राणा के पिता का जाति प्रमाणपत्र मुंबई जाति पड़ताल समिति ने रद्द कर दिया है। याचिकाकर्ता की ओर से एड. सचिन थोरात और एड. राघव कविमंडन कामकाज देख रहे हैं। 

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।