दैनिक भास्कर हिंदी: नागपुर शहर के अंतिम भागों में नहीं पहुंच रहा पानी, 100 एमएलडी पानी कम मिल रहा

June 10th, 2019

डिजिटल डेस्क, नागपुर।  भीषण गर्मी और मानसून में देरी के चलते शहर में जलसंकट की स्थिति और विकट होती जा रही है। जलाशयों में पानी नहीं बचा है फलस्वरुप पहले की अपेक्षा इन दिनों सप्लाई के लिए 100 एमएलडी पानी कम मिल रहा है। इससे शहर की पानी की टंकियां पूरी तरह नहीं भर पा रही हैं। इससे कम दबाव के कारण शहरवासियों को कम पानी मिल  रहा है। इतना ही नहीं, शहर के अंतिम भागों में लोगों तक पानी पहुंच ही नहीं पा रहा है। टैंकरों से भी पानी सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं। वहीं शहर में पानी की अघोषित कटौती शुरू हो गई है।

बाहरी क्षेत्रों तक नहीं पहुंच पा रहा है पानी
जानकारी के अनुसार 5 जून से पानी की समस्या बढ़ गई है। शहर के लिए कन्हान में 21 से 25 एमएलडी पानी कम मिल रहा है। ऐसी ही स्थिति पेंच की भी बनी हुई है। वहां भी करीब 72 से 75 एमएलडी पानी कम मिल रहा है। शहर में प्रतिदिन करीब 100 एमएलडी पानी कम मिल रहा है। इसका प्रभाव शहर के हर क्षेत्रों में पड़ रहा है। शहर की सभी पानी टंकियों में दवाब कम होने से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा है। कुछ जगह पानी की सप्लाई कम हो रही है और कुछ जगह पानी ही नहीं पहुंच रहा है।

यह है एक बड़ी समस्या
नवेगांव खैरी में जलस्तर कम हो गया है। इससे पानी को उठाने में समस्या खड़ी हो रही है। कच्चे पानी को ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाना एक बड़ा टॉस्क बना हुआ है। इधर मौसम भी संकट पैदा कर रहा है। बार-बार तेज हवा के कारण विद्युत सप्लाई बंद हो रही है, जिससे पानी की सप्लाई करने वाले पंप बार-बार बंद हो रहे हैं और शहर के लिए जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।

गोरेवाड़ा में नहीं बचा पानी
एक बड़ी परेशानी यह भी है कि गोरेवाड़ा तालाब में पानी का स्टॉक नहीं बचा है। जब कहीं ट्रिपिंग के कारण शहर के लिए पानी नहीं मिलता था, तो गोरेवाड़ा को वॉटर बैंक के रूप में उपयोग कर वहां से पानी उठाया जाता था, लेकिन वर्तमान में गोरेवाड़ा तालाब सूख गया है। ऐसे में यहां से भी पानी नहीं मिल रहा है।

सप्ताह में एक दिन कटौती पर निर्णय नहीं
जलसंकट के कारण पिछले दिनों चर्चा थी कि शहर में सप्ताह में एक दिन पानी की  कटौती की जाएगी, लेकिन उस पर भी अमल नहीं हो पाया है, क्योंकि कई क्षेत्रों में पानी सप्लाई बंद हो चुकी है। मनपा के जलप्रदाय समिति सभापति विजय झलके का कहना है कि सप्ताह में एक दिन पानी की कटौती का निर्णय वरिष्ठ लोगों से चर्चा के बाद लिया जाएगा।
 

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