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तीन साल में एक करोड़ घरों तक टोंटी से जल प्रदाय होगा तिमाही में डेढ़ लाख आँगनवाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में नल कनेक्शन लगेंगे

January 09th, 2021 15:52 IST
तीन साल में एक करोड़ घरों तक टोंटी से जल प्रदाय होगा तिमाही में डेढ़ लाख आँगनवाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में नल कनेक्शन लगेंगे

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में एक करोड़ क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन (एफएचटीसी) का लक्ष्य तेजी से कार्य कर प्राप्त किया जाये। बैठक में बताया गया 100 दिवसीय अभियान के अंतर्गत शाला एवं आँगनबाड़ी में नल से जल पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। जनवरी से मार्च 2021 की अवधि में प्रदेश के डेढ़ लाख आँगनवाड़ी केन्द्रों और विद्यालयों में नल कनेक्शन लग जायेंगे। इसके अंतर्गत आँगनवाड़ी केन्द्रों में करीब 75 हजार नल कनेक्शन दिये जायेंगे। इसी तरह करीब 75 हजार शालाओं में भी कनेक्शन तीन माह में प्रदान किये जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की आबादी को घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से वर्ष 2023 तक 55 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन के मापदंड से गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध करवाने का लक्ष्य प्राप्त किया जाए। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 में 26 लाख घरेलू कनेक्शन देने का लक्ष्य है। इसी तरह वर्ष 2021-22 में 33 लाख, वर्ष 2022-23 में 28 लाख और वर्ष 2023-24 में 14 लाख कनेक्शन देने का लक्ष्य हैं। भारत सरकार से प्राप्त राशि और किए गए व्यय के आधार पर मध्य प्रदेश बड़े राज्यों में दूसरे क्रम पर है जहां 378 करोड़ रुपए की राशि व्यय की गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि ग्रामीण आबादी को स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करवाने के लिये स्वीकृत योजनाओं का कार्य तेजी से पूर्ण किया जाये। जल जीवन मिशन के अंतर्गत 10 योजनाओं से 4347 ग्राम लाभान्वित होंगे। ये योजनाएं गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, आगर, देवास, सागर और धार में क्रियान्वित होंगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निवास पर जल जीवन मिशन के कार्यों के अंतर्गत स्त्रोत आधारित समूह जल प्रदाय योनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। बैठक में गुणवत्ता प्रभावित बसाहटों और सांसद आदर्श ग्राम की योजनाओं में संचालित कार्यों की भी समीक्षा की गई। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मलय श्रीवास्तव ने मिशन के कार्यों के संबंध में जानकारी दी।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।