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कम दबाव का क्षेत्र बना, विदर्भ में झमाझम बरसेंगे मेघ

कम दबाव का क्षेत्र बना, विदर्भ में झमाझम बरसेंगे मेघ

डिजिटल डेस्क,नागपुर। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्ण विकसित हो गया है।  अब इसके पूरी तरह सक्रिय होने की उम्मीद है और तब विदर्भ फिर तेज बौछारों के अधीन होगा। ठंडी बयारों और हल्की छांव ने मौसम  को रूहानी बनाए रखा है । मंगलवार की सुबह से ही बादलों ने आसमान को घेर रखा है जिससे  पहाड़ों सा माहौल सा बना हुआ । धुंध और रिमझिम फुहारों ने वातावरण को खुशगवार बना दिया है।  हल्की धूप के चलते तापमान स्थिर बना रहा। इससे उमस और गर्मी से राहत रही। नमी भी पूरे दिन एकसार बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान 29.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री नीचे रहा। न्यूनतम तापमान सामान्य पर 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। आर्द्रता सुबह से शाम 93 प्रतिशत बनी रही। रविवार सुबह 8.30 बजे से सोमवार सुबह 8.30 बजे तक वर्षा 5.7 मिमी दर्ज की गई। रात 8.30 बजे तक 0.5 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई। 

दोनों ओर से नमी

बता दें कि बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र पूर्ण विकसित हो गया है। इसके आज से सक्रिय होने की प्रबल संभावना है। इससे जुड़ा चक्रवाती चक्र ऊपरी मुहाने से दक्षिण की ओर झुका हुआ है। मानसूनी द्रोणिका अपने सामान्य स्थान पर स्थिर है और अनूपपुर, सीकर, नौगांव, अंबिकापुर, चाईबासा, मिदनापुर से गुजर रही है। इसकी धुरी कम दबाव के क्षेत्र के बीच   समाई है। एक द्रोणिका दक्षिण गुजरात से निकलकर उत्तर महाराष्ट्र, दक्षिण छत्तीसगढ़ व दक्षिण ओड़िशा से होते हुए कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती चक्र तक जा रही है। इससे विदर्भ के दोनों ओर नमी का तेज बहाव बना हुआ है। मौसम विभाग ने विदर्भ में आज के लिए यलो, बुधवार को ऑरेंज तथा गुरुवार को फिर यलो चेतावनी जारी की है। 

विदर्भ में वर्षा सामान्य स्तर के करीब

पिछले 10 दिनों से बरस रहे मेघों ने उपराजधानी सहित विदर्भ में बनी वर्षा की कमी को पूरा कर दिया है। संतरानगरी में सोमवार सुबह तक सामान्य से मात्र 1 प्रतिशत वर्षा कम है। सोमवार सुबह तक  465.2 मिमी वर्षा दर्ज की जा चुकी है, जबकि इस दौरान औसत वर्षा 470.7 मिमी है। विदर्भ में भी अब तक 10 प्रतिशत वर्षा ही औसत से कम बची है। साेमवार सुबह तक विदर्भ में 428.9 मिमी वर्षा रिकार्ड हो चुकी है, जबकि औसत 477.7 मिमी है। विदर्भ के 11 जिलों में से यवतमाल, वासिम, भंडारा तथा गोंदिया को छोड दें तो शेष सभी जिलों में वर्षा सामान्य स्तर के करीब है।

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