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जब 84 फीसदी उम्मीदवारों की हो गई थी जमानत जब्त

October 20th, 2019 16:03 IST
जब 84 फीसदी उम्मीदवारों की हो गई थी जमानत जब्त

डिजिटल डेस्क, नागपुर। महाराष्ट्र विधानसभा की दहलीज पार करने के लिए हर चुनाव में हजारों उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाते हैं, लेकिन अधिकांश उम्मीदवार अपनी जमानत भी नहीं बचा पाते। इसके बावजूद चुनावी समर में कूदने वालों की कमी नहीं रहती। साल 2014 के विधानसभा चुनाव में कुल 4407 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई थी। उसमें से 3713 उम्मीदवार यानी 84.25 फीसदी अपनी जमानत जब्त होने से नहीं बचा पाए थे। 

जमानत बचाने 6 फीसदी वोट जरूरी

चुनाव में किसी भी सीट पर पड़ने वाली कुल वोटिंग में से 6 प्रतिशत से कम वोट हासिल करने वाले उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो जाती है। साल 1962 से साल 2014 के विधानसभा चुनाव तक उम्मीदवारों के जमानत जब्त होने का प्रमाण 50.81 फीसदी से 85.86 प्रतिशत के बीच रहा है। 

कब, कितनों की जमानत हुई जब्त

2014 के विधानसभा चुनाव में 84.25 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई। 1995 के विधानसभा चुनाव में 85.86 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।

1995 के विधानसभा चुनाव में 85.86 प्रतिशत उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी। 
1995 के बाद साल 2014 के विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी। 
2009 के विधानसभा चुनाव में 3359 उम्मीदवारों में से 2886 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हुई थी। 
2004 के विधानसभा चुनाव में 2678 उम्मीदवारों में से 2021 प्रत्याशी जमानत नहीं बचा सके। 
1999 के विधानसभा चुनाव में 2006 प्रत्याशियों में से 1282 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 
1995 के विधानसभा चुनाव में 4727 उम्मीदवारों में से 4059 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। 
1990 के विधानसभा चुनाव में 3764 प्रत्याशियों में से 3089 उम्मीदवार अपनी जमानत नहीं बचा सके। 
1985 के विधानसभा चुनाव में 2230 उम्मीदवारों में से 1600 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
1980 के विधानसभा चुनाव में 1537 प्रत्याशियों में से 886 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 
1978 के विधानसभा चुनाव में 1819 उम्मीदवारों में से 1159 उम्मीदवार जमानत नहीं बचा पाए। 
1972 के विधानसभा चुनाव में 1196 उम्मीदवारों में से 670 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। 
1967 के विधानसभा चुनाव में 1242 उम्मीदवारों में से 647 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। 
1962 के विधानसभा चुनाव में 1161 उम्मीदवारों में से 590 प्रत्याशी जमानत नहीं बचा पाए थे।

विधासभा चुनाव में जमानत जब्त कराने वाले उम्मीदवार

विस चुनाव      कुल उम्मीदवार    जमानत जब्त    कुल सीटें 
1962             1161                 590                 264
1967             1242                 647                 270   
1972             1196                 670                 270
1978             1819                1159                288   
1980             1537                  886               288   
1985             2230                1600               288
1990             3764                3089               288
1995             4727                4059               288
1999             2006                1282               288
2004             2678                2021               288  
2009             3559                2886               288
2014             4407                3713               288
2019             3237                 --                   288 

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डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल इंडिया को गति देता रोहित मेहता का Startup Digital Gabbar

डिजिटल डेस्क,भोपाल। "सफलता सिर्फ उनको नहीं मिलती जो सफल होने की इच्छा रखते है, सफल हमेशा वही होता है जो आगे बढ़ कर उन्हे पाने की चाहत रखते है।" ये उद्धहरण उनके लिए नहीं है जो आराम की जिंदगी को छोड़ कर बाहर नहीं निकालना चाहते, बल्कि ये उनपे लागू होती है जो निरंतर प्रयास करते रहते है।

इसी तर्ज पर चलते हुए, बिहार के पटना के शहर से आने वाले आईटी और तकनीक प्रेमी डबल मास्टर्स डिग्री धारी ने डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय यात्रा शुरू की थी, लेकिन आज वो इस मुकाम पर पहुँचे जाएंगे उन्होंने ऐसा नहीं सोचा होगा, की कुछ साल बाद, वह उन युवाओं के लिए प्रेरणा बनेंगे जो digital content curation में करियर बनाने की इच्छा रखते हैं।

उक्त व्यक्ति और कोई नहीं, बल्कि प्रसिद्ध digital marketer रोहित मेहता हैं, जो एक ब्लॉगर के रूप में उत्कृष्ट हैं और एक प्रख्यात आईटी विशेषज्ञ हैं, जिन्होंने अपनी ज्ञानवर्धक ई-पुस्तकों के साथ दुनिया के साथ अपने ज्ञान को साझा करते हुए कई अहम भूमिकाएँ निभाई हैं।

एक दशक से अधिक की अवधि के लिए IT industry में काम करने के बाद, रोहित मेहता ने खुद को एक ऐसे tech blogger के रूप में प्रतिष्ठित किया है जो अपने पाठकों के साथ ऐसी तकनीकी ज्ञान को साझा करता है जो उन्हें बेहतर बेहतर बनने में मदद करती है।

हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओ में अपनी किताब को करने वाले रोहित ने ये साबित कर दिया है की डिजिटल मार्केटिंग केवल अंग्रेजी जानने वालों के लिए नहीं है। हिंदी में भी पढ़ कर आप इसे सिख सकते है ओर अपना करियर बन सकते है। इनकी सबसे अधिक लोकप्रिये बुक '15 Proven Secrets of Internet Traffic Mastery' है, जिसमे अपने अनलाईन बिजनस या ब्लॉग पर ट्राफिक (पाठक) लाने के 15 बेहतरीन तरीके बताए है।

आज, रोहित मेहता डिजिटल गब्बर (Digital Gabbar) नामक भारत के सबसे बड़े डिजिटल कंटेंट प्लेटफ़ॉर्म के संस्थापक संपादक हैं, एक अभूतपूर्व विज़न जिसका नेतृत्व डिजिटल उत्साही लोगों के एक समूह द्वारा किया जा रहा है।

जीवन में अपनी विभिन्न गतिविधियों पर रोहित के साथ बातचीत में, वे कहते हैं, " हर दूसरे आदमी की तरह, मैं भी इंटरनेट की दुनिया में नया था जब मैनें इसमे कदम रखा था। शुरू से ही कुछ नया सीखने और उसको साझा करने की चाहते ने मुझे ब्लॉगिंग में अपना करियर शुरू करने की प्रेरणा दी, तब से मैंने पीछे नहीं देखा हर एक नए सुबह के साथ इच्छा सकती मजबूत होती गई, Digital Gabbar शुरू करने से पहले बहुत से ब्लॉग/वेबसाइटें शुरू की मगर खुशी (kick) नहीं मिली”।

"डिजिटल गब्बर केवल एक ड्रीम प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि हमारे पाठकों के साथ जुड़ने का जरिया है जो किसी भी सीमा से परे है। हम ब्लॉगिंग, एफिलिएट से सम्बंधित टिप्स और ट्रिक्स की अपडेटेड जानकारी साझा करते हैं। जैसे : मार्केटिंग, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग, गाइड्स, ट्यूटोरियल्स और बहुत कुछ।  

डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय कैरियर का नेतृत्व करने के बाद, डिजिटल गब्बर की टीम लोकप्रिय डिजिटल मार्केटर्स, ब्लॉगर्स, YouTubers, उद्यमियों के साथ साक्षात्कार की एक श्रृंखला शुरू करने पर विचार कर रही है, ताकि भविष्य में डिजिटल इंडिया उनकी एक झलक दिखा सकें। जीवन की कहानियां जो प्रेरणा मिलती है वो सायद ही किसी और कार्य से मिलती होंगी।

रोहित मेहता के प्रमुख योगदान

आज दूरदर्शी रोहित मेहता ने डिजिटल मार्केटिंग, ब्लॉगिंग, एफिलिएट, एसईओ, ड्रापशीपिंग, सोशल मीडिया, ऑनलाइन मनी मेकिंग मे अनेकों गाइड्स और सुझावों इत्यादि अपने पाठकों के डिजिटल गब्बर पे बिल्कुल मुफ़्त में साझा करते है।

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गब्बर रोहित का लक्ष्य

अपने ब्लॉग डिजिटल गब्बर के अनुशार रोहित बताते है की उनका लक्ष्य सिर्फ जानकारी को साझा करना नहीं है, बल्कि डिजिटल इंडिया के युवाओ से उसको अमल भी करवाना चाहते है। ताकि आने वालों कुछ सालों में डिजिटल के क्षेत्र में इंडिया युवा पीढ़ी किसी से काम न रहे। यही कारण है की इन्होंने डिजिटल गब्बर की शुरुवात हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओ में एक साथ की है।

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