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आरपीएफ डीआईजी द्वारा महिला से छेंड़छाड़, सहयात्री ने लगाए गंभीर आरोप

आरपीएफ डीआईजी द्वारा महिला से छेंड़छाड़, सहयात्री ने लगाए गंभीर आरोप

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। सर... आज एक महिला की इज्जत से खिलवाड़ करने वाले रेल अधिकारी पर आपने कार्रवाई नहीं की, तो और लोगों के भी हौसले बुलंद हो जाएंगे, महिलाओं का ट्रेन में सफर करना मुश्किल हो जाएगा।जो गलत हरकत, शारीरिक छेड़छाड़ आरपीएफ के डीआईजी विजय खातरकर ने एक रेल अधिकारी की पत्नी के साथ की है, उन्हें इस घिनौनी हरकत के लिए सजा मिलनी चाहिए। आप दोषी अधिकारी पर कार्रवाई जरूर करें,यह बात पमरे के जीएम ऑफिस पहुंचे डब्ल्यूसीआर डब्ल्यूडब्ल्यूओ की 50 से अधिक महिला सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल ने जीएम अजय विजयवर्गीय से मुलाकात कर कही, तो जीएम के चेहरे पर भी मामले की गंभीरता के भाव उभरकर आए। महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि महिला यात्री रेलवे के अधिकारियों के भरोसे ही रात के समय लंबा सफर करती हैं। अगर रक्षा करने वाले ही भक्षक बन जाएंगे, तो महिला यात्री किसके भरोसे सुरक्षित यात्रा कर पाएगी। आरपीएफ डीआईजी ने महिलाओं के विश्वास को तोड़ा है, जिसका खामियाजा उन्हें भुगतना ही पड़ेगा। 

अधिकारी अपनी पहुंच का फायदा उठाकर जांच को गुमराह कर सकता है

आरओसी क्लब में आयोजित डब्ल्यूसीआर डब्ल्यूडब्ल्यूओ की बैठक में आरपीएफ डीआईजी की गलत हरकत को लेकर आक्रोश व्यक्त करते हुए दोषी अधिकारी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए जीएम से मुलाकात का निर्णय लिया गया, जिसके बाद 50 से अधिक महिला सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल दोपहर में सीधे महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचा और उन्होंने जीएम से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपकर दोषी अधिकारियों की गलत हरकतों का विरोध करते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि रेल अधिकारी अपनी पहुंच का फायदा उठाकर जांच को गुमराह कर सकता है, जिससे महिलाओं में दहशत का माहौल है। मामले के तीन दिन गुजर जाने के बाद भी दोषी अधिकारी पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई है, जबकि आरपीएफ डीआईजी के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। महिलाओं के प्रतिनिधिमंडल के आक्रोश को देखते हुए जीएम  विजयवर्गीय ने मामले की सूक्ष्म जांच कराने के आदेश जारी किए। 

दहशत में आए यात्री मयंक ने कहा मुझे जान का खतरा है

ओवर नाइट एक्सप्रेस में आरपीएफ डीआईजी विजय खातरकर द्वारा एक रेल अधिकारी की पत्नी के साथ छेड़छाड़ के मामले में घटना के साक्षी बनाए गए युवक मयंक सिंह ने आरपीएफ पर गंभीर आरोप लगाकर मामले को नया मोड़ दे दिया है। जानकारी के अनुसार मयंक सिंह ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर  को शिकायत सौपकर कहा है कि आरपीएफ के अधिकारियों से उसे जान का खतरा है। उसने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा मांगी है, जिसमें कहा गया है कि ओवरनाइट एक्सप्रेस में हुए छेड़छाड़ के मामले में उसे साक्षी बनाया गया है। वह ए-1 कोच की 18 नम्बर बर्थ पर सफर कर रहा था, उसने कुछ भी नहीं देखा और इस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन आरपीएफ डीआईजी को बचाने के लिए आरपीएफ के अधिकारी उस पर दबाव बनाकर डीआईजी के पक्ष में बयान दिलवाना चाहते हैं, मना करने पर आरपीएफ वाले उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। शिकायत में मयंक ने कहा कि डीआईजी ने ट्रेन में उसे जबलपुर पहुंचने पर पकड़वाने की धमकी दी थी, इसलिए वह डर के मारे मदन-महल स्टेशन पर ही उतर गया था।

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