सरहद पर ‘स्त्री’: सीमा सुरक्षा की कमान संभालेंगी महिला अधिकारी, ITBP पर युद्ध भूमिकाओं में पहली बार नियुक्ति

August 9th, 2021

हाईलाइट

  • बॉर्डर पर दिखेगा महिला अधिकारियों का साहस

डिजिटल डेस्क, मसूरी। खुद को हर कसौटी पर साबित कर चुकी भारत की वीरांगनाएं एक नई और ज्यादा साहसी भूमिका में नजर आने के लिए तैयार हैं। भारत की महिलाएं अब देश की सरहद की हिफाजत के लिए तैयार हैं। पहली बार सेना की दो महिला अधिकारियों को ऐसी भूमिका के लिए तैनात किया गया है जिसका वास्ता सीधे जंग से है. यानि ये दोनों महिला अधिकारी युद्धक भूमिका में नजर आएंगी. आईटीबीपी यानि कि इंडो तिब्बत बॉर्डर पुलिस में पहली बार दो महिला अधिकारियों को प्रशिक्षण में शामिल किया गया. ट्रेनिंग आज (सोमवार) को पूरी हो चुकी है. अब ये महिला अधिकारी भारत चीन की वास्तविक नियंत्रण रेखा पर सुरक्षा का जिम्मा संभालेंगी. बता दें मसूरी स्थिति आईटीबीपी ट्रेनिंग अकादमी से कुल 53 अधिकारी पास हुए हैं. जो पासिंग आउट परेड का हिस्सा बने। 

 

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस पासिंग आउट परेड में बतौर मुख्यमंत्री शामिल हुए। इस मौके पर सीएम धामी ने हिस्ट्री ऑफ आईटीबीपी का विमोचन भी किया. आईटीबीपी के महानिदेशक एस एस देसवाल भी उनके साथ थे. इस किताब में सीमा सुरक्षा बलों से जुड़े कई अनसुने तथ्य और दुर्लभ तस्वीरें शामिल हैं।

 

सीमा पर प्रकृति और दीक्षा
पासिंग आउट परेड के बाद पहली बार ये पोस्टिंग हासिल करने वाली दोनों महिला अधिकारी हैं प्रकृति और दीक्षा. दोनों बतौर सहायक कमांडेंट पदस्थ होंगी. ये रैंक हासिल करने के बाद दोनों अधारियों ने देश सेवा की शपथ भी ली. आपको  बता दें महिलाओं को लड़ाकू अधिकारियों की जगह देने का फैसला आईटीबीपी ने पहली बार 2016 में किया. यूपीएससी के जरिए ये भर्ती हुई। इससे पहले तक आईटीबीपी महिलाओं को केवल कॉन्स्टेबल रैंक तक ही भर्ती करता था. लड़ाकू अधिकारी का पद  पाने वाली प्रकृति और दीक्षा पहली बार इस पद पर तैनात हो कर ये साबित कर रही हैं कि महिलाएं चाहें तो हर जगह कामयाबी का परचम लहरा सकती हैं.