सावन माह के द्वितीय सोमवार नर्मदा तट से निकली काँवडिय़ों की यात्रा: संस्कारधानी में दिखा अद््भुत, आलौकिक भक्ति का उत्साह

July 25th, 2022

डिजिटल डेस्क जबलपुर।  सावन माह के द्वितीय सोमवार नर्मदा तट से आस्था, भक्ति का अद््भुत, आलौकिक सैलाब उमड़ा। भक्तों ने माँ नर्मदा का पूजन कर जब बम भोले का नाद किया तो पूरा आसमान गूँज उठा। इसके बाद हजारों की संख्या में काँवडिय़ों की यात्रा का श्री गणेश हुआ। यात्रा जिस मार्ग से गुजरी वहाँ तिल रखने को जगह न बची। तकरीबन एक लाख काँवडि़ए 35 किमी पथ के महाकुंभ में शामिल हुए। मटामर में जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन किया गया।
दो वर्ष बाद ऐसा सैलाब-
संस्कार काँवड़ यात्रा समिति के संयोजक शिव यादव ने बताया कि इस वर्ष भी नर्मदा मिशन के संस्थापक समर्थश्री भैयाजी सरकार के सान्निध्य तथा संत रामू दादा के आशीर्वाद से यह यात्रा आयोजित की गई। 2 वर्षों से कोरोना काल में प्रतीकात्मक यात्रा के बाद सोमवार को भक्ति का ऐसा सैलाब उमड़ा। इस दौरान स्वामी पगलानंद महाराज, पूर्व मंत्री लखन घनघोरिया, अशोक रोहाणी, विनय सक्सेना, नवनिर्वाचित महापौर जगत बहादुर सिंह \"अन्नू\", उद्योगपति सुमित कालिया मौजूद रहे। यात्रा में मुख्य रूप से राजेन्द्र मिश्रा, राजेश यादव, कमलेश सिंह, धर्मेंद्र नामदेव, दिनेश मिश्रा, पवन यादव, गौरैया यादव, विशाल तिवारी, भारत सिंह यादव, मथुरा प्रसाद \"पार्षद\", रामकुमार यादव, छोटे राव साहब, संदीप वर्मा शामिल रहे।
आस्था के रंग-
- ग्वारीघाट से लेकर कैलाशधाम ग्राम मटामर तक की सड़क बोल बम के नारे से गूँज उठी। यात्रा मार्ग पर कई बार बारिश की बूँदों ने जैसे भगवान का शृंगार किया। भक्त और भाव-विभोर हो गए।
- यात्रा में काँवडिय़ों ने अपनी काँवड़ों को मनमोहक रूप से सजा कर हिस्सा लिया। काँवड़ यात्रा करीब 5 किमी लंबी रही। भगवान भोलेनाथ की झाँकियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं।
- बड़े, बूढ़े, युवा, बच्चे व महिलाएँ सभी ने बढ़-चढ़कर यात्रा में हिस्सा लिया। उनकी काँवड़ में एक तरफ माँ नर्मदा का जल एवं दूसरी तरफ देव तुल्य पौधे शामिल रहे।
- 35 किमी के यात्रा पथ पर तकरीबन ढाई सौ से तीन सौ मंचों पर काँवडिय़ों का स्वागत किया गया। जगह-जगह प्रसाद का वितरण भी होता रहा।
- नवनिर्वाचित महापौर भी यात्रा के शुभारंभ से ही शामिल हुए। वे तकरीबन 20 किमी चलकर काँचघर तक पहुँचे बाद में किसी कारण से उन्हें कहीं और जाना पड़ा।