Panna News: फार्मासिस्टों के भविष्य पर संकट, डिटीएबी के निर्णय के विरोध में जिला एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन

फार्मासिस्टों के भविष्य पर संकट, डिटीएबी के निर्णय के विरोध में जिला एसोसिएशन ने सौंपा ज्ञापन
एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिला पन्ना द्वारा औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड डिटीएबी के हालिया निर्णय के विरोध में केंद्र सरकार के नाम एक मोर्चा खोला गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आज अपर कलेक्टर मधुवंत राव धुर्वे को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।

Panna News: एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन जिला पन्ना द्वारा औषधि तकनीकी सलाहकार बोर्ड डिटीएबी के हालिया निर्णय के विरोध में केंद्र सरकार के नाम एक मोर्चा खोला गया है। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने आज अपर कलेक्टर मधुवंत राव धुर्वे को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के नाम ज्ञापन सौंपकर अपनी कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। एसोसिएशन के अनुसार 16 फरवरी 2026 को आयोजित डिटीएबी की 93वीं बैठक में औषधि एवं प्रसाधन नियम 1945 के नियम 64 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। इस संशोधन के माध्यम से दवा व्यवसाय में सक्षम व्यक्ति की योग्यता के मानकों को कम करने की योजना है जिससे अब बिना फार्मासिस्ट के भी दवा संचालन व विक्रय की राह आसान हो सकती है।

जनस्वास्थ्य और मानकों पर सवाल

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय न केवल फार्मासिस्ट समुदाय बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य के लिए भी घातक है। सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है आधुनिक दवाएं संवेदनशील होती हैं। पंजीकृत फार्मासिस्ट के बिना इनके संचालन से दुष्प्रभाव और दुरुपयोग का खतरा बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय मानकों का उल्लंघन का यह प्रस्ताव डब्ल्यूएचओ और अंतरराष्ट्रीय फार्मास्युटिकल महासंघ के गुड फार्मेसी प्रैक्टिस जीपीपी मानकों के विपरीत है। देश में 35 लाख से अधिक पंजीकृत फार्मासिस्ट होने के बावजूद इस तरह का निर्णय युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल देगा। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि डिटीएबी के प्रस्तावित संशोधन को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। होलसेल दवा व्यापार में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता को सख्ती से लागू रखा जाए। प्रतिबंधित लाइसेंस की व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाए।

इनकी रही उपस्थिति

इस अवसर पर गौरव शर्मा जिलाध्यक्ष, दीपक तिवारी उपाध्यक्ष, मनीष पाठक मीडिया प्रभारी, प्रवीण कुशवाहा संगठन मंत्री, संजय सिंह राजपूत संरक्षक, यजुवेंद्र सिंह मेडिकल विंग प्रभारी, मस्तराम सिंह, पंकज सोनी, सदस्यगण आदित्य जैन, सत्यम चौरसिया एवं अन्य लोग शामिल रहे।

इनका कहना है

दवा व्यवसाय में तकनीकी ज्ञान अनिवार्य है। हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि जनहित और फार्मासिस्टों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस जनविरोधी प्रस्ताव को वापस लिया जाए।

गौरव शर्मा, जिलाध्यक्ष

Created On :   14 April 2026 3:46 PM IST

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