Pune City News: बाणेर में वोटरों को प्रभावित करने का खेल, 21 लोगों पर केस

बाणेर में वोटरों को प्रभावित करने का खेल, 21 लोगों पर केस
  • चार गाड़ियों से सैकड़ों मतदाता सूची
  • पहचान पत्र और राष्ट्रवादी कांग्रेस का प्रचार सामग्री बरामद

भास्कर न्यूज, पुणे। बाणेर में मनपा चुनाव से ठीक पहले मतदाताओं को प्रभावित करने का मामला सामने आया है। सोमेश्वरवाड़ी, पाषाण में रात के समय भारी संख्या में लोग इकट्ठा होकर स्थानीय मतदाताओं को खास राजनीतिक दल के पक्ष में वोट देने के लिए दबाव बना रहे थे। सूचना मिलने पर बाणेर पुलिस की बीट मार्शल टीम मौके पर पहुंची, जहां करीब 20 से 25 लोग एक महिला और एक पुरुष के साथ मौजूद पाए गए और वे आसपास रहने वाले मतदाताओं को पुणे मनपा के वार्ड नौ में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रभावित कर रहे थे। मामले में पुलिस ने 21 लोगों पर केस दर्ज किया है।

मौके पर मौजूद महिला ने अपना नाम योगिता राजेंद्र तारड़े और पुरुष ने आदेश वसंत देडगे बताया, जबकि उनके साथ विशाल अशोक वाघमारे, गणेश शिवाजी पवार, रोहित रवि कांबले, सनीकुमार श्रीरामलाल सरोज, राहुल भुमन्ना आलकोंडवाल, धम्मा भानुदास सोनकांबले, कमलेश संभाजी शिरसाठ, सिद्धराम अशोक कलशेट्टी, चेतन राजेंद्र मुरकुटे, पंकज विट्‌ठल खोसे, प्रमोद नरेंद्र सिंह, विनोद राजेंद्र वाघ और बाबूराव चांदेरे का बेटा किरण चांदेरे सहित कुल 21 लोग वहां सक्रिय पाए गए। पुलिस ने जब वहां खड़ी चार गाड़ियों टोयोटा इनोवा क्रिस्टा, किया सेल्टोस, किया सॉनेट और एमजी विंडसर की तलाशी ली तो उनमें से हजारों पन्नों की मतदाता सूची बरामद हुई, जिनमें मतदाताओं के नाम, पते, मोबाइल नंबर और मतदाता पहचान पत्र नंबर तक दर्ज थे, साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के गमछे, चुनाव प्रचार के पैंपफ्लेट, वार्ड नौ के उम्मीदवारों गायत्री मेढ़े-कोकाटे, बाबूराव चांदेरे, पार्वती नव्हाण और अमोल बालवड़कर के फोटो वाले पोस्टर, सैकड़ों निमंत्रण कार्ड, रजिस्टर और अन्य चुनावी दस्तावेज भी मिले। एक गाड़ी से मतदाता पहचान पत्रों और आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी बरामद की गई, जिनमें अलग-अलग नागरिकों की तस्वीरें और निजी जानकारियां दर्ज थीं, वहीं डमी बैलेट यूनिट भी मिली, जिस पर वोटिंग मशीन जैसे बटन लगे हुए थे, जिससे मतदाताओं को भ्रमित करने या उन्हें डेमो देकर प्रभावित करने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि पूरा नेटवर्क चुनाव आयोग और जिला प्रशासन द्वारा जारी आदर्श आचार संहिता के आदेशों का उल्लंघन करते हुए घर-घर जाकर टारगेटेड तरीके से मतदाताओं को संपर्क कर रहा था और सूची के आधार पर वोटरों को एक ही पार्टी के पक्ष में मोड़ने की कोशिश कर रहा था।

मामले में सभी 21 आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 171, 174 और 223 के तहत केस दर्ज किया गया है, जो चुनाव में अवैध प्रभाव डालने, प्रशासनिक आदेशों के उल्लंघन और गैरकानूनी रूप से भीड़ इकट्ठा करना।

Created On :   5 Jan 2026 2:27 PM IST

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