शहडोल न्यूज: अनूपपुर : रेरा में सब ओके और मौके पर कुछ भी नहीं

अनूपपुर : रेरा में सब ओके और मौके पर कुछ भी नहीं
एसडीएम ने कहा- एनओसी के लिए नहीं किया अप्लाई, सवाल-फिर कैसे बिक रहे मकान
डिजिटल डेस्क शहडोल अनूपपुर कलेक्टर कार्यालय से महज 500 मीटर दूर सामतपुर स्थित श्री मान गोल्डन रिवेरा कॉलोनी पर मध्यप्रदेश भू-संपदा विन्यामक प्राधिकरण (रेरा) गलत दस्तावेज सबमिट करने के आरोप लग रहे हैं। कॉलोनाइजर्स ने रेरा के वेबसाइड में पक्की सडक़ें, सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल, खेल मैदान, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट एसटीपी सहित दूसरी तमाम सुविधाओं का दावा किया गया है, दूसरी ओर मौके पर ऐसा कुछ भी नहीं है। कॉलोनी में मकान खरीदने वाले आम आदमी परेशान हैं। बताया कि यहां न तो पक्की सडक़ें हैं, न ही चारो ओर सुरक्षा के लिए बाउंड्रीवाल का निर्माण किया गया है। बच्चों के लिए खेल का मैदान, एसटीपी व पार्क जैसी मूलभूत सुविधा भी नहीं है। बड़ी बात है कि सब कुछ नियमों के अधीन होने का दावा करने वाले कॉलोनाइजर्स की इस मनमानी पर जिला प्रशासन ने जैसे आंख मूंद ली है। एसडीएम अनूपपुर प्राशी अग्रवाल यह बात तो स्वीकार करती हैं कि श्रीमान गोल्डन रिवेरा प्रोजेक्ट द्वारा एनओसी के लिए अप्लाई नही किया है पर वे आगे की कार्रवाई की बात नहीं बताती हैं। सवाल यह है कि बिना एनओसी के मकान कैसे बिक रहे हैं। श्री मान गोल्डन रिवेरा के पूरे प्रोजेक्ट पर ही लग रहे सवालिया निशान- सामतपुर में बन रहे अवैध कालोनी मामले में एसडीएम प्राशी अग्रवाल ने तहसीलदार को जांच के आदेश दिये है, वही अब अनूपपुर जिले के ग्राम सामतपुर में बन रही आवासीय कॉलोनी श्री मान गोल्डन रिवेरा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। प्रमोटर ग्रेण्ड्रीज होम्स द्वारा भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण, भोपाल के पोर्टल पर जमा कराए गए दस्तावेजों में परियोजना की सारी बुनियादी सुविधाएं 100 प्रतिशत पूर्ण दिखाई गई हैं, जबकि प्राधिकरण के अपने आदेशों से जाहिर होता है कि यह प्रोजेक्ट वर्षों से अधूरा और विवादों में घिरा रहा है। सब कुछ ओके के सर्टिफिकेट पैसे देकर बन रहे- रेरा पोर्टल पर अपलोड रिपोर्ट का प्रमाण-पत्र भोपाल के इंजीनियर मोहम्मद सलमान खान के हस्ताक्षर से जारी हुआ है। इस रिपोर्ट में निर्माण सामग्री, कारीगरी और गुणवत्ता सभी भारतीय मानकों के अनुरूप होने का दावा किया गया है। उपलब्ध सुविधाएं भी इंजीनियर की रिपोर्ट के अनुसार ही अपलोड है। इस बारे में दैनिक भास्कर के सवालों के जवाब में उन्होने बताया कि कालोनाइजर्स स्पॉट विजिट का फीस नहीं देते हैं, इसलिए वे जैसा बताते हैं हम उसी तरह सर्टिफिकेट बनाकर जमा कर देते हैं। - पौधे, नाली व स्ट्रीट लाईट की सुविधाएं उपलब्ध हैं। कुछ कार्य बाकी है, जल्द ही पूर्ण कर लिया जायेगा। इंजीनियर द्वारा सार्टिफिकेट पर हम कुछ नहीं कह सकते हैं, वे ही बता पाएंगे। संजय मिश्रा, प्रोजेक्ट पार्टनर

Created On :   23 Aug 2026 9:24 PM IST

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