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ENG VS AUS: ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे मैच में इंग्लैंड को 24 रन से हराया, सीरीज में 1-1 से बराबरी की

ENG VS AUS: ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे वनडे मैच में इंग्लैंड को 24 रन से हराया, सीरीज में 1-1 से बराबरी की

हाईलाइट

  • इंग्लैंड ने वनडे सीरीज के दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया को 24 रन से हराया
  • इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-1 से बराबरी की
  • सीरीज निर्णायक वनडे मैच 16 सितंबर को मैनचेस्टर में ही खेला जाएगा

डिजिटल डेस्क। इंग्लैंड ने रविवार को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेले गए वनडे सीरीज के दूसरे मैच में ऑस्ट्रेलिया को 24 रन से हराया। इस जीत के साथ ही इंग्लैंड ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में 1-1 से बराबरी कर ली है। इससे पहले सीरीज के पहले वनड मैच में ऑस्ट्रेलिया ने मेजबान इंग्लैंड को 19 रन से हराया। मैच में इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 231 रन बनाए। इस लक्ष्य का पिछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया 48.4 ओवर में 207 रन पर ही ऑलआउट हो गई। मैच में इंग्लैंड के स्टार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर को मैन ऑफ द मैच चुना गया। अब सीरीज का तीसरा और निर्णायक वनडे मैच 16 सितंबर को मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में ही खेला जाएगा। 

इयोन मोर्गन ने 42 रन की पारी खेली
मैच में इंग्लैंड के लिए कप्तान इयोन मोर्गन ने सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 52 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 42 रन बनाए। जो रूट ने 73 गेंदों में 4 चौके और 1 छक्के की मदद से 39 रन का योगदान दिया। टॉम कुरेन ने 37 और आदिल रशीद ने 35 रन बनाए। वहीं क्रिस वोक्स ने 26 और जेसन रॉय ने 21 रन का योगदान दिया। इनके अलावा इंग्लैंड का कोई भी बल्लेबाज 10 आंकड़ा भी पार नहीं कर पाया। ऑस्ट्रेलिया के लिए एडम जंपा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट झटके। मिशेल स्टार्क ने 2 विकेट लिए। जोश हेजलवुड, पैट कमिंस और मिशेल मार्श ने 1-1 विकेट लिया। 

एरॉन फिंच ने अर्धशतक जड़ा
वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिए मैच में कप्तान एरॉन फिंच ने सबसे ज्यादा रन बनाए। उन्होंने 105 गेंदों में 8 चौके और 1 छक्के की मदद से 73 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली। मार्नस लाबुशाने ने 48, एलेक्स कैरी ने 36 और पैट कमिंस ने 11 रन का योगदान दिया। इनके अलावा ऑस्ट्रेलिया के 7 बल्लेबाज 10 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए। वहीं इंग्लैंड के लिए जोफ्रा आर्चर, सैम कुरन और क्रिस वोक्स ने 3-3 विकेट लिए। आदिल रशीद को 1 विकेट मिला। 

हेड टू हेड
ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड के बीच अब तक 151 वनडे मैच खेले गए हैं। जिसमें से ऑस्ट्रेलिया ने 83 जीते और इंग्लैंड ने 63 मैचों में जीत दर्ज की है। 2 मैच टाई और 3 बेनतीजा रहे हैं। वहीं इंग्लैंड के घर में दोनों के बीच अब तक 72 वनडे मैच खेले गए हैं। जिसमें से ऑस्ट्रेलिया ने 32 और मेजबान इंग्लैंड ने 36 मैच जीते हैं। 2-2 मैच टाई और बेनतीजा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अब तक 22 वनडे सीरीज खेली गई हैं। जिसमें से ऑस्ट्रेलिया ने 12 और इंग्लैंड ने 10 सीरीज जीती हैं। 

वहीं दोनों टीमों के बीच इंग्लैंड में 15 सीरीज हुई हैं। जिसमें से मेजबान इंग्लैंड ने 8 और ऑस्ट्रेलिया ने 7 सीरीज जीती हैं। इंग्लैंड की धरती पर दोनों देशों के बीच इससे पहले सितंबर 2015 में 5 मैचों की वनडे सीरीज खेली गई थी। तब इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को सीरीज में 3-2 से हराया था। इसके बाद दोनों टीमों के बीच 2 वनडे सीरीज हुई और दोनों में ऑस्ट्रेलिया को हार का सामना करना पड़ा था। अब ऑस्ट्रेलिया के पास 5 साल बाद इंग्लैंड की धरती पर उसके खिलाफ वनडे सीरीज जीतने का मौका है। 

दोनों टीमें

इंग्लैंड: इयोन मोर्गन (कप्तान), मोइन अली, जोफ्रा आर्चर, जॉनी बेयरेस्टो, टॉम बैंटन, सैम बिलिंग्स, जोस बटलर, सैम कुरन, टॉम कुरन, आदिल रशीद, जो रूट, जेसन रॉय, क्रिस वोक्स और मार्क वुड।

रिजर्व खिलाड़ी: साकिब महमूद, डेविड मलान और फिल साल्ट।

ऑस्ट्रेलिया: एरॉन फिंच (कप्तान), स्टीव स्मिथ, सीन एबॉट, एश्टन एगर, एलेक्स कैरी, पैट कमिंस (उपकप्तान), जोश हेजलवुड, मार्नस लाबुशाने, नाथन लियोन, मिशेल मार्श, ग्लेन मैक्सवेल, रिले मेरेडिथ, जोश फिलिप, डैनियल सैम्स, केन रिचर्डसन, मिशेल स्टार्क, मार्कस स्टोइनिस, एंड्रयू टाय, मैथ्यू वेड, डेविड वार्नर।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।