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वर्ल्ड कप में हार के बाद पहली बार बोले धोनी, मुझे भी गुस्सा आता है लेकिन ...


हाईलाइट

  • वर्ल्ड कप में हार के बाद पहली बार एमएस धोनी का बयान सामने आया है
  • मुझे भी गुस्सा आता है.. लेकिन इमोशन को बेहतर तरीके से कंट्रोल कर लेता हूं
  • 2007 के टी-20 वर्ल्ड कप में मिली जीत को किया याद

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में मिली हार के बाद पहली बार बुधवार को भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी किसी कमर्शियल प्रोग्राम में नजर आए। इस दौरान विपरीत परिस्थितियों से पार पाने को लेकर धोनी ने कहा, 'मैं भी हर किसी की तरह हूं लेकिन मैं कुछ अन्य व्यक्तियों की तुलना में अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित करता हूं।' धोनी भारतीय क्रिकेट के 'कैप्टन कूल' रहे हैं। टी-20 और वनडे वर्ल्डकप के अलावा उन्होंने कई अहम खिताब भारतीय टीम को जिताए हैं।

मुझे भी गुस्सा आता है.. निराशा होती है
धोनी ने कहा, 'मैं भी उतना ही निराश महसूस करता हूं। मुझे भी कई बार गुस्सा आता है, निराशा होती है। लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि इनमें से कोई भी भावना रचनात्मक नहीं है।' उन्होंने कहा, 'इन भावनाओं से ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि अभी क्या करने की जरुरत है। मैं आगे क्या प्लान कर सकता हूं? अगला व्यक्ति कौन है, जिसका मैं उपयोग कर सकता हूं? एक बार जब मैं इसमें शामिल हो जाता हूं तो मैं अपनी भावनाओं को बेहतर तरीके से नियंत्रित कर लेता हूं।'

फाइनल रिजल्ट से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रोसेस
धोनी ने एक बार फिर दोहराया कि फाइनल रिजल्ट से ज्यादा महत्वपूर्ण प्रोसेस होती है। धोनी ने कहा, 'टेस्ट मैच में आपके पास दो पारियां होती हैं, इसलिए आपको अपने अगले कदम की योजना बनाने के लिए थोड़ा ज्यादा समय मिल जाता है। टी-20 में सब कुछ बहुत जल्दी-जल्दी होता है, इसकी डिमांड अलग है।' उन्होंने कहा 'कोई एक व्यक्ति या पूरी टीम गलती कर सकती है। हो सकता है कि प्लान पर ठीक तरह से अमल नहीं किया गया हो चाहे फॉर्मेट कोई भी हो।' उन्होंने कहा, 'एक टीम के रूप में आप जो हासिल करना चाहते हैं, वह टूर्नामेंट जीतना है लेकिन यह एक लॉन्ग टर्म गोल है। अंतत: आप जो करते हैं उसे छोटी-छोटी चीजों में तोड़ दें।'

2007 के टी-20 वर्ल्ड कप को किया याद
इसके बाद उन्होंने याद किया कि कैसे दक्षिण अफ्रीका में 2007 के आईसीसी वर्ल्ड टी 20 के दौरान, टीम ने पाकिस्तान के खिलाफ 'बॉल आउट' को रणनीतिक रूप दिया। धोनी ने कहा, 'उस विश्व कप में बहुत कुछ खास था। 'बॉल-आउट' इन चीजों में से एक था। मुझे याद है कि हम अभ्यास के लिए जाते थे। प्रत्येक अभ्यास सत्र से पहले, हम वार्म अप से पहले या बाद में 'बॉल आउट' का अभ्यास करते थे। हमने बहुत स्पष्ट रूप से कहा था जो कोई भी विकेट को सबसे ज्यादा बार हिट करेगा, अगर ऐसी स्थिति बनती है तो हम उसका इस्तेमाल करेंगे।'

व्यक्तिगत प्रदर्शनों से ऊपर टीम एफर्ट
धोनी ने कहा कि टीम के प्रयास को कई अच्छे व्यक्तिगत प्रदर्शनों के बावजूद कम नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा, 'अंततः जीत या हार प्रत्येक व्यक्ति के लिए आती है जो टीम का हिस्सा है। टीम के खेल में, हर किसी की एक भूमिका और एक जिम्मेदारी होती है। टी 20 विश्व कप के दौरान, व्यक्तियों को दी गई भूमिकाएं और जिम्मेदारियां सबसे अच्छे तरीके से पूरी हुईं। यही कारण था कि हमने टूर्नामेंट जीता। एक अच्छा रन आउट, एक शानदार कैच, ऐसे पल टीम वर्क और योगदान का सबूत है कि टीम में सब अपनी भूमिका निभा रहे हैं।'

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