दैनिक भास्कर हिंदी: क्रिकेट: सचिन ने ओपनिंग के लिए अजहर से कहा था, फेल हुआ तो दूसरा मौका मांगने नहीं आऊंगा

April 3rd, 2020

हाईलाइट

  • सचिन तेंदुलकर को मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में ओपनिंग का मौका मिला था
  • सचिन ने बतौर ओपनर पहली दोनों पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाए थे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर की शुरुआत मध्य क्रम से की थी। नवजोत सिंह सिद्धू के चोटिल होने के बाद से ही वह न्यूजीलैंड के खिलाफ पहली बार पारी की शुरुआत करने उतरे थे। तेंदुलकर ने बताया है कि उन्होंने तत्कालीन कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन और कोच अजीत वाडेकर से ऑकलैंड में पारी की शुरआत करने को कहा था।

अपने पर्सनल एप 100MB पर बात करते हुए तेंदुलकर ने कहा, जब मैंने सुबह होटल छोड़ा तो मुझे नहीं पता था कि मैं पारी की शुरुआत करने वाला हूं। हम मैदान पर पहुंचे और अजहर तथा वाडेकर सर ड्रेंसिंग रूम में थे। उन्होंने कहा कि सिद्धू फिट नहीं हैं तो कौन ओपनिंग करेगा। मैंने कहा कि मैं करूंगा। मुझे अपने ऊपर पूरा विश्वास था कि मैं उन गेंदबाजों पर अटैक कर सकता हूं। उन्होंने कहा, पहली प्रतिक्रिया थी कि मैं ओपनिंग क्यों करना चाहता हूं? लेकिन मुझे अपने ऊपर विश्वास था कि मैं कर सकता हूं। ऐसा नहीं था कि मैं वहां जाकर स्लॉग शॉट खेल वापस आ जाऊंगा। मैं अपना आम खेल जारी रखूंगा जो अटैक करना है।

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मैं विफल रहा तो मैं आपके पास दोबारा नहीं आऊंगा
तेंदुलकर ने कहा, तब तक सिर्फ मार्क ग्रेटबैच ने 1992 में ऐसा किया था, क्योंकि तब तक आम ट्रेंड यही था कि पहले 15 ओवर आराम से खेले जाएं क्योंकि गेंद नई है। आप पहले गेंद की चमक खत्म कर दो और फिर तेजी से रन बनाओ। इसलिए मुझे लगा कि अगर मैं जाकर पहले 15 ओवर तेजी से रन बना सका तो यह विपक्षी टीम पर काफी दबाव बना देगा। मैंने कहा था कि, अगर मैं विफल रहा तो मैं आपके पास दोबारा नहीं आऊंगा, लेकिन मुझे एक मौका दीजिए। तेंदुलकर ने उस मैच में 49 गेंदों पर 82 रन बनाए थे। इसके बाद सचिन वनडे टीम के नियमित ओपनर बन गए।

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