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गांगुली ने BCCI अध्यक्ष बनने पर कहा- बोर्ड को वैसे ही चलाऊंगा, जैसे टीम इंडिया को लीड किया

गांगुली ने BCCI अध्यक्ष बनने पर कहा- बोर्ड को वैसे ही चलाऊंगा, जैसे टीम इंडिया को लीड किया

हाईलाइट

  • गांगुली ने कहा- बोर्ड को उसी तरह से चलाऊंगा, जैसे मैंने टीम इंडिया को लीड किया
  • गांगुली ने धोनी पर कहा- चैंपियन इतनी जल्दी खत्म नहीं होते, जब तक मैं हूं; हर किसी का सम्मान होगा

डिजिटल डेस्क। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के नए अध्यक्ष बनने के बाद सौरव गांगुली ने भ्रष्टाचार मुक्त कार्यकाल का वादा किया। उन्होंने कहा कि, वह दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड को उसी तरह से चलाएंगे जैसे उन्होंने भारतीय टीम का नेतृत्व किया था।

गांगुली ने बोर्ड जनरल बॉडी मीटिंग में औपचारिक रूप से बीसीसीआई अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, ईमानदारी और भ्रष्टाचार मुक्त वातारवरण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सौरव गांगुली ने बीसीसीआई का अध्यक्ष पद संभालने के बाद पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की। 

अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताते हुए गांगुली ने कहा कि, वह गुरुवार को मौजूदा कप्तान विराट कोहली से बात करेंगे। उन्होंने कहा, विराट कोहली भारतीय क्रिकेट में सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। हम उनकी बात सुनेंगे, परस्पर सम्मान होगा, राय होगी।

BCCI के नए अध्यक्ष गांगुली ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के भविष्य को लेकर अटकलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि, चैंपियन इतनी जल्दी खत्म नहीं होते। जब तक मैं यहां हूं, यहां हर किसी का सम्मान होगा। धोनी जुलाई में हुए वनडे वर्ल्ड कप से भारत के सेमीफाइनल से बाहर होने के बाद से टीम में नहीं हैं। उन्होंने क्रिकेट से ब्रेक लिया था। ऐसा माना जा रहा है कि, वे दिसंबर में वापसी करेंगे।

भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे सफल कप्तानों में से एक सौरव गांगुली बीसीसीई के 39वें अध्यक्ष बनें हैं। वहीं गृहमंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह बीसीसीई सचिव और उत्तराखंड के महिम वर्मा बोर्ड के नए उपाध्यक्ष बने। इनके अलावा बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण ने कोषाध्यक्ष और केरल के जयेश जॉर्ज ने संयुक्त सचिव का पद संभाला।

गांगुली का बीसीसीआई अध्यक्ष पद के लिए नामांकन सर्वसम्मति से हुआ है। गांगुली सिर्फ 10 महीनें की बोर्ड के अध्यक्ष रहेंगे। अगले साल जुलाई में उनका कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। नए नियमों के मुताबिक कोई भी सदस्य छह साल तक क्रिकेट बोर्ड के किसी पद पर रह सकता है। गांगुली पांच साल से बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष है। इसलिए उनका कार्यकाल सिर्फ दस महीने का है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।