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तारीफ: वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, गौतम गंभीर कभी किसी चुनौती से पीछे नहीं हटे, खेल के प्रति पूरी तरह से जुनूनी थे

तारीफ: वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, गौतम गंभीर कभी किसी चुनौती से पीछे नहीं हटे, खेल के प्रति पूरी तरह से जुनूनी थे

हाईलाइट

  • वीवीएस लक्ष्मण ने कहा, गौतम गंभीर बड़े ही जिज्ञासु और खेल के प्रति पूरी तरह से जुनूनी थे
  • लक्ष्मण ने कहा, गंभीर ने हमेशा निडरता से सभी चुनौतियों का डट कर सामना किया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण ने अपने साथी खिलाड़ी गौतम गंभीर की जमकर तारीफ की है। लक्ष्मण ने गुरुवार को कहा कि गंभीर खेल के प्रति पूरी तरह से जुनूनी थे और वह कभी भी क्रिकेट के मैदान पर किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटते थे।

गंभीर ने हमेशा निडरता से सभी चुनौतियों का डट कर सामना किया
लक्ष्मण ने ट्विटर पर कहा, गौतम गंभीर बड़े ही जिज्ञासु और खेल के प्रति पूरी तरह से जुनूनी थे। वे क्रिकेट के मैदान पर कभी भी किसी चुनौती से पीछे नहीं हटते थे। फिर चाहे वह दुनिया का कोई भी मैदान हो और कैसी भी पिच क्यों ना हो। गंभीर ने हमेशा निडरता से सभी चुनौतियों का डट कर सामना किया। वह जानते थे कि उन्हें कैसे इससे निपटना है।

गंभीर ने टी-20 और वनडे वर्ल्ड कप में अहम भूमिका निभाई थी
साल 2003 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट, 147 वनडे और 37 टी 20 मैच खेले हैं। जिसमें उन्होंने क्रमश : 4154, 5238 और 932 रन बनाए हैं। गंभीर ने 2007 में टी-20 वर्ल्ड कप और साल 2011 में 50 ओवरों के वर्ल्ड कप जीताने में टीम के लिए सबसे अहम भूमिका अदा की है। 2007 वर्ल्ड कप में उन्होंने सात मैचों में 227 रन बनाए थे। पाकिस्तान के खिलाफ 2007 टी 20 वर्ल्ड कप फाइनल में उन्होंने 75 रनों की संघर्षपूर्ण पारी खेलकर टीम को सम्मान जनक स्कोर तक पहुंचाया था, जिसके बदौलत भारत को इस रोमांचक फाइनल में जीत मिली थी।

गंभीर ने 2011 वर्ल्ड कप में 97 रनों की अहम पारी खेली थी
वहीं 2011 वर्ल्ड कप में श्रीलंका के खिलाफ सचिन तेंदुलकर और वीरेंद्र सहवाग के जल्दी आउट होने के बाद उन्होंने अपने दमपर पारी को संभाला था और 97 रनों की पारी खेली थी। गंभीर की इस दमदार पारी के बल पर ही भारत फाइनल में 275 रनों के लक्ष्य को हासिल कर सका था। गंभीर ने इंडियन प्रीमियर लीग में कोलकाता नाइट राइडर्स को दो बार 2012 और 2014 में चैंपियन बनाया था। दिसंबर 2018 में उन्होंने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।