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दर्दनाक हादसा: 11 साल की तमन्ना ने बस की खिड़की से उल्टी के लिए निकाला सिर, ट्रक की टक्कर से धड़ से अलग हुआ

दर्दनाक हादसा: 11 साल की तमन्ना ने बस की खिड़की से उल्टी के लिए निकाला सिर, ट्रक की टक्कर से धड़ से अलग हुआ

डिजिटल डेस्क, इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। यहां बस में सवार 11 साल की एक बच्ची बस में खिड़की से बाहर सिर निकालकर उलटी कर रही थी। तभी सामने से आ रहे ट्रक की टक्कर से उसका सिर कटकर अलग हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह बस में अपनी मां और बड़ी बहन के साथ रिश्तेदार के यहां शादी में जा रही थी। घटना देशगांव चौकी के रोशिया फाटे के पास की है। 

जानकारी के मुताबिक, देशगांव चौकी प्रभारी रमेश गवले ने बताया कि बस सुबह 8 बजे खंडवा से निकली थी और 9 बजे के करीब रोशिया फाटे से पहले कश्मीरी नाले तक पहुंची ही थी कि सामने से आ रहे ट्रक ने ओवर टेक किया और क्रॉस करने लगा, जिससे वह बस से टकराते हुए निकला। इसी बीच बस में सवार 11 साल की बच्ची तमन्ना ड्राइवर सीट के पीछे बैठी थी, तमन्ना का सिर खिड़की के बाहर था, जो बस और ट्रक की टक्कर की चपेट में आ गया। इससे बच्ची का सिर धड़ से अलग हो कर सड़क पर गिर गया। हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ट्रक छोड़ फरार हो गया। मामले में पुलिस मर्ग कायम कर जांच कर रही है और वहीं ट्रक ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर ट्रक पुलिस ने जब्त कर लिया है।

साइकिल का शौक था तमन्ना को
तमन्ना का परिवार खंडवा की बंगाली कॉलोनी की गली नंबर-3 में रहता है। वह घर में सबसे छोटी थी। तमन्ना की चाची ने बताया बच्ची अपनी मां और बड़ी बहन के साथ खाला की शादी में बड़वाह जा रही थी और यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि तमन्ना को साइकिल चलाने का शौक था। परिवार के आर्थिक हालात ठीक नहीं हैं। तमन्ना के पिता हैदर कृषि उपज मंडी में हम्माली करते हैं और मां लोगों के घर झाड़ू-पोंछे का काम करती हैं।

तमन्ना को अफसर बनाना चाहते थे पिता
परिजनों के अनुसार, तमन्ना और उसकी बहन रुबिना साथ में स्कूल जाती थीं। परदेशीपुरा के पानी दफ्तर स्कूल में तमन्ना छठी क्लास में पढ़ती थी। पूरे मोहल्ले में सिर्फ यहीं दो बहनें थीं, जो स्कूल जाती थीं, बाकी लड़कियां यहां मदरसे में पढ़ती हैं। तमन्ना और बड़ी बहन रुबिना अच्छे स्कूल में पढ़े इसलिए दिन-रात पिता मेहनत करते थे। तमन्ना के पिता उसे अच्छा पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाना चाहते थे।


 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।