बिहार जहरीली शराब मामला : मृतकों की संख्या हुई 8, एसएचओ निलंबित

January 21st, 2022

डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार के सारण जिले में अमनौर प्रखंड में दो और लोगों की मौत के साथ जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। इस संबंध में जिला एसपी संतोष कुमार ने शुक्रवार को मेकर थाने के एसएचओ को निलंबित कर दिया। एसपी संतोष कुमार ने कहा, हमने एसएचओ राजेश कुमार को निलंबित कर दिया है और चौकीदार गणेश मांझी को उनके अधिकार क्षेत्र में शराब के संचालन को रोकने में विफल रहने के लिए गिरफ्तार किया है।

आईएएनएस ने 18 जनवरी को बताया था कि मेकर थाना क्षेत्र के गांवों में रहस्यमय परिस्थितियों में तीन लोगों की मौत हो गई। तब एसएचओ राजेश कुमार ने बताया कि मृतक की मौत अत्यधिक ठंड के कारण हुई है। मेकर प्रखंड में मरने वालों की संख्या छह पहुंच गई है।

सूत्रों ने बताया कि जिले के अमनौर प्रखंड में गुरुवार की रात दो और लोगों की मौत हो गयी जबकि 18 जनवरी को जहरीली शराब पीने से पांच अन्य की आंखों की रोशनी चली गयी। निजी अस्पतालों में उनका इलाज चल रहा था। मृतक के परिवार के सदस्यों द्वारा गुरुवार रात मीडियाकर्मियों के सामने शराब के पाउच और बोतलें पेश करने के बाद कुमार ने कार्रवाई की।

परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि मौत शराब पीने के बाद हुई न कि ठंड के कारण। पीड़ितों में से एक की पत्नी उर्मिला देवी ने आधी बोतल दिखाते हुए कहा, उसने 18 जनवरी को एक शराब की बोतल खरीदी और आधी पी ली। उसके बाद उसने पेट दर्द की शिकायत की और शाम को उसकी मौत हो गई।

पिछले एक सप्ताह में सारण और नालंदा जिलों में जहरीली शराब पीने से कुल 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इससे पहले नालंदा जिले के छोटी पहाड़ी में 15 जनवरी को 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई की आंखों की रोशनी चली गई थी। माकपा के विधायक सत्येंद्र यादव ने कहा, नीतीश कुमार का शराबबंदी का फैसला अच्छा है लेकिन बिहार में इसे बुरी तरह से लागू किया गया है।

कानून प्रवर्तन अधिकारी इसे सफलतापूर्वक लागू नहीं होने दे रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, नीतीश कुमार को दूसरे राज्यों से सीखना चाहिए और शराबबंदी हटाना चाहिए। वह गरीब लोगों के लिए अच्छी गुणवत्ता और कम महंगी शराब की सुविधा भी दे। वे जिलों में देशी शराब पीते है और अपनी जान गंवाते हैं।

आईएएनएस