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हत्या के मामले में पुलिस ने लगा दिया था खात्मा - अदालत ने 3 आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा 

हत्या के मामले में पुलिस ने लगा दिया था खात्मा - अदालत ने 3 आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा 

डिजिटल डेस्क, सतना। हत्या कर लाश कुएं में फेंकने के एक मामले में नागौद के अपर सत्र न्यायालय ने नागौद पुलिस की खात्मा रिपोर्ट को खारिज करते हुए 3 आरोपियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। तीनों आरोपियों पर अदालत ने साढ़े 7 लाख का अर्थदंड भी लगाया है। विधिक मामलों के जानकारों के मुताबिक जिले में अपने किस्म का ये यहां पहला मामला है।  

सिर्फ 6 हजार के लिए कत्ल 
एजीपी राजेश मिश्रा ने बताया कि नागौद के गोपाल टोला निवासी राकेश चौधरी, राजा उर्फ राजेश सिंधी के यहां काम करता था। आरोपी पुष्पेन्द्र और महफूज भी साथ में राजा के यहां नौकरी करते थे। आरोपी राजा वेतन मद में राकेश को 6 माह से 6 हजार रुपए का भुगतान नहीं कर रहा था। वेतन मांगने पर आरोपी ने राकेश और उसकी मां राधा को धमकी दी थी कि वो दोनों को किसी दिन एक साथ वेतन देने वाला है। 2002  की 26 सितम्बर को आरोपी पुष्पेन्द्र 6 बजे रात राकेश चौधरी को उसके घर से यह कहकर बुला ले गया कि मालिक ने वेतन देने के लिए बुलाया है। 

राकेश उसके साथ चला गया। बाद में एक अन्य आरोपी महफूज भी राकेश के घर ये संदेशा देने गया कि वो जाकर वेतन ले ले। राकेश के  रात 9 बजे तक जब घर नहीं पहुंचा तो उसकी मां और बहन राजा सिंधी के पास गए। राजा ने उनसे कहा कि उनका बेटा घर पहुंच जाएगा। जब रात में भी राकेश घर नहीं पहुंचा तो आरोपी राजा ने कहा कि वो माल लाने के लिए सतना गया है। अंतत: 28 सिंतबर को राकेश की लाश राजा की ही गोदाम के पास बरकोनिया मंदिर के कुआं में मिली। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया। 

और, पुलिस ने लगा दिया खात्मा 
हत्या के इस गंभीर मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि पोस्टमार्टम में धारदार हथियार से सिर में चोट के चलते मृत्यु होना बताया गया था। इसके बावजूद भी नागौद थाना पुलिस ने मामले में खात्मा लगा दिया। उधर, केस के खात्मे की जानकारी मिलने पर मृतक राकेश की मां राधा चौधरी ने अदालत में परिवाद पेश कर न्याय की गुहार लगाई। प्रकरण के विचारण के दौरान आरोपी राजा उर्फ राजेश सिंधी पिता कल्लूमल, पुष्पेन्द्र पिता रामप्रताप चौधरी और महफूज मुसलमान पिता मंसूर मुसलमान (तीनों निवासी नागौद) के खिलाफ आईपीसी की धारा-302, 201 और 120 बी के अपराध प्रमाणित पाए गए। 

शनिवार को इसी मामले में   नागौद के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश डीके शर्मा की अदालत ने  तीनों आरोपियों को न केवल उम्र कैद की सजा सुनाई बल्कि तीनों को ढाई-ढाई लाख के अर्थदंड से दंडित भी किया। अदालत ने जुर्माना की 5 लाख की राशि मृतक की मां राधा को दिलाने जाने के आदेश दिए हैं।  

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