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Pathankot:सुरेश रैना की बुआ के परिवार पर हमला और लूटपाट, फूफा की मौत, बुआ की हालत गंभीर

Pathankot:सुरेश रैना की बुआ के परिवार पर हमला और लूटपाट, फूफा की मौत, बुआ की हालत गंभीर

डिजिटल डेस्क, चंडीगढ़। पठानकोट के गांव थरियाल में 19-20 अगस्त की रात जिस सरकारी ठेकेदार की हत्या कर लूटपाट की गई थी, वह क्रिकेटर सुरेश रैना के फूफा थे। हमले में रैना की बुआ और फुफेरे भाई की हालत गंभीर बनी हुई है। वहीं एक फुफेरा भाई और फूफा की मां घर लौट चुके हैं। जब इस घटना के बारे में आईपीएल खेलने दुबई गए सुरेश रैना को पता चला तो वह खिलाड़ियो की लिस्ट से अपना कटवाकर भारत लौट आए। हालांकि इस बारे में आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं हो पा रही है। दूसरी ओर इस घटना को अंजाम देने के आरोपियों के सुराग को लेकर पुलिस के हाथ अभी तक खाली हैं।

मिली जानकारी के अनुसार बीती 19 अगस्त की रात को पठानकोट जिले के गांव थरियाल में अज्ञात बदमाशों ने ठेकेदार अशोक के सोए हुए परिवार पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे आसपास के लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश शुरू की तो परिवार के मुखिया अशोक कुमार की मौत हो गई थी, जबकि आशा रानी (55), मां सत्या देवी (80) और उसके दोनों बेटे कौशल कुमार (32), अपिन कुमार (28) घर में लहूलूहान में बेहोशी की हालत में पड़े मिले। 

वारदात के 10 दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली
एक प्राइवेट अस्पताल में उपचाराधीन इन लोगों में से आशा रानी की हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की तो घर का सामान बिखरा मिला था। लूटपाट की इस घटना के 10 दिन बाद भी जहां पुलिस के हाथ खाली हैं, वहीं अब इसका कनेक्शन क्रिकेट सुरेश रैना के साथ निकल आने के चलते पुलिस की मशक्कत और बढ़ गई है।

वारदात के पीछे काला कच्छा गिरोह का हाथ
एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर ने इस मामले के पीछे ‘काला कच्छा गिरोह’ होने की बात कही थी। वहीं, पीड़ित परिवार के साथ स्टार क्रिकेटर के संबंध उजागर होने के बाद पुलिस पर जांच का दबाव बढ़ गया है। वहीं शनिवार को ही सुरेश रैना आईपीएल टूर छोड़कर भारत लौट आए हैं। इसके पीछे की वजह भी यही वारदात बताई जा रही है।

आईपीएल छोड़कर भारत लौटे रैना
वहीं जानकारी मिली है कि सुरेश रैना आईपीएल टूर छोड़कर भारत लौट आए हैं। इसके पीछे की वजह यही वारदात बताई जा रही है। वह पूरे सीजन के लिए टीम से बाहर हो गए हैं। चेन्नई सुपर किंग्स इस समय में सुरेश और उनके परिवार को पूरा समर्थन दे रही है। रैना का आईपीएल में नहीं खेलना चेन्नई सुपर किंग्स के लिए बहुत बड़ा झटका है।

19 की आधी रात रात को हुआ था हमला
19-20 अगस्त की रात करीब ढाई बजे गांव थरियाल में लुटेरे सरकारी ठेकेदार अशोक कुमार के मकान के पीछे खेतों में सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़े और रैना के फूफा अशोक कुमार, उनके दोनों बेटों कौशल और अपन पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक हमलावरों ने बेसबॉल बैट और रॉड से हमला किया। उनको बेहोशी की हालत में छोड़ लुटेरे सीढ़ियों से नीचे मकान में उतरे और अंदर लेटी रैना की बुआ आशा देवी और उसकी सास सत्या देवी पर भी हमला कर दिया। उसके बाद लुटेरों ने घर के अंदर रखे कैश, जेवरों व अन्य सामान पर हाथ साफ किया और उसी रास्ते लौट गए। सुबह दूध देने आए व्यक्ति को कराहने की आवाज आई तो लोगों को इकट्ठा कर दरवाजा तोड़ा गया। तब तक अशोक कुमार की मौत हो चुकी थी।

मामले की जांच कर रही एसआईटी का नेतृत्व कर रहे एसपी (डी) प्रभजोत सिंह विर्क ने कहा कि पहले उन्हें पीड़ित परिवार के क्रिकेटर सुरेश रैना के साथ संबंध का पता नहीं था। अब पता चला है। पुलिस के लिए हर व्यक्ति खास है। पुलिस पहले भी गंभीरता से मामला सुलझाने में लगी थी। अज्ञात लोगों पर कत्ल समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है।
 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।