पौष मास 2023: इस माह में करें सूर्य उपासना, स्वास्थ्य और संपन्नता का मिलेगा आशीर्वाद

इस माह में करें सूर्य उपासना, स्वास्थ्य और संपन्नता का मिलेगा आशीर्वाद
पौष मास की पूर्णिमा को चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में रहता है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिन्दू पंचांग के दसवें माह को पौष मास के नाम से जाना जाता है। इस वर्ष इस माह की शुरुआत 27 दिसंबर यानि कि आज से हो रही है, जो कि 25 जनवरी 2024 तक रहेगा। ज्योतिष के अनुसार पौष मास की पूर्णिमा को चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में रहता है और इसी कारण इस महीने को पौष का महीना कहा जाता है।

माना जाता है कि, इस महीने सूर्य ग्यारह हजार रश्मियों के साथ व्यक्ति को उर्जा और स्वास्थ्य प्रदान करता है। पौष मास में अगर सूर्य की नियमित उपासना की जाए तो वर्षभर व्यक्ति स्वस्थ और संपन्न रहेगा। मान्यता है कि इस महीने में भगवान सूर्यनारायण की विशेष पूजा अर्चना से उत्तम स्वास्थ्य और मान सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। आइए जानते हैं सूर्य उपासना की विधि...

इस विधि से करें सूर्य उपासना

- इस माह में प्रतिदिन सबसे पहले नित्य प्रातः स्नान करने के बाद सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए।

- इसके बाद ताम्बे के पात्र से जल दें।

- जल में रोली और लाल फूल डालें।

- इसके बाद सूर्य के मंत्र "ॐ आदित्याय नमः" का जाप करें।

- इस माह नमक का सेवन कम से कम करना चाहिए।

इन बातों का रखें खास ख्याल

- इस माह में चीनी की बजाय गुड़ का सेवन करें।

- खाने पीने में मेवे और स्निग्ध चीजों का इस्तेमाल करें।

- इस महीने में बहुत ज्यादा तेल घी का प्रयोग भी उत्तम नहीं होगा।

- अजवाइन, लौंग और अदरक का सेवन लाभकारी होता है।

- इस महीने में ठन्डे पानी का प्रयोग, स्नान में गड़बड़ी और अत्यधिक खाना खतरनाक हो सकता है।

डिसक्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारी अलग अलग किताब और अध्ययन के आधार पर दी गई है। bhaskarhindi.com यह दावा नहीं करता कि ये जानकारी पूरी तरह सही है। पूरी और सही जानकारी के लिए संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ (ज्योतिष/वास्तुशास्त्री/ अन्य एक्सपर्ट) की सलाह जरूर लें।

Created On :   27 Dec 2023 12:32 PM GMT

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