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बदला लेने एक साथ आ रहे हैं अमिताभ, शाहरुख और तापसी 

June 20th, 2018 11:45 IST
बदला लेने एक साथ आ रहे हैं अमिताभ, शाहरुख और तापसी 

डिजिटल डेस्क, मुंबई। सुजॉय घोष द्वारा निर्देशित फिल्म 'बदला' में अमिताभ और शाहरुख एक साथ आएंगे। ये लगभग एक दशक बाद होगा जब दोनों सुपर स्टार्स  एक साथ काम करेंगे, लेकिन अगर आप ये सोच रहे हैं कि शाहरुख फिल्म में बिग बी के साथ एक्टिंग करेंगे तो आप गलत हैं। दरअसल शाहरुख 'बदला' को प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म के लीड में तापसी पन्नू को भी देखा जाएगा। सुजॉय ने इससे पहले बिग बी को 'तीन' और 'अलादीन' में भी डायरेक्ट किया है।

फिल्म की शूटिंग ग्लासगो, स्कॉटलैंड में शुरू हो गई है। अमिताभ ने इसकी जानकारी अपने ऑफिशिल ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट के जरिए दी। उन्होंने लिखा- ' बदला की शूटिंग ग्लासगो में अब शुरू हो रही है। सुजॉय को इसके लिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं। जल्द ही आप सभी को ज्वाइन करूंगा। प्रोड्यूसर और प्रोडक्शन टीम को भी शुभकामनाएं'। 

बता दें कि इससे पहले अमिताभ और तापसी एक साथ 'पिंक' में नजर आए थे। शाहरुख के साथ काम उन्होंने आखरी बार 2008 में आई 'भूतनाथ' में किया था। भले ही इस फिल्म में दोनों साथ एक्ट ना कर रहे हों पर साथ बहुत सारा टाइम जरूर स्पेंड करेंगे। बिग बी सोशल मीडिया पर बहुत एक्टिव रहते हैं। ऐसे में उनके फैंस के लिए शाहरुख और उनके बीच फनी और इंट्रस्टिंग मोमेन्ट्स को देखना बड़ा ही दिलचस्प होगा। 

आपको बता दें कि फिल्म बदला स्पैनिश फिल्म 'द इनविजिबल गेस्ट' की रीमेक है। फिलहाल इसकी शूटिंग स्कॉटलैंड में चल रही है। फिल्म का प्लॉट क्राइम-थ्रिलर है। सुजॉय का कहना है कि अमिताभ जैसे कलाकार के किसी मूवी में होने से निर्देशक और निर्माता दोनों का कॉन्फिडेंस लेवल बहुत बढ़ जाता है। वहीं आपको बता दें कि अमिताभ आमिर खान के 'थग्स ऑफ हिन्दोस्तान' और तापसी की 'सूरमा' में भी नजर आएंगे। ये दोनों ही फिल्में इसी साल रिलीज के लिए ड्यू है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।