दैनिक भास्कर हिंदी: बोफोर्स, पनामा और संपत्ति मामले पर पहली बार खुलकर बोले अमिताभ

November 6th, 2017

डिजिटल डेस्क, मुंबई। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को अब अपनी 75 साल की उम्र में प्रशंसा, उपाधि, प्रसिद्धि नहीं चाहिए। वे तो बस मुक्ति और शांति चाहते हैं। रविवार को अमिताभ बच्चन ने एक ब्लॉग लिखते हुए पहली बार बोफोर्स घोटाले, पनामा पेपर्स और हाल में अपनी अवैध संपत्ति निर्माण मामले पर खुलकर बयान दिया है।

 

अमिताभ बच्चन ने ब्लॉग में लिखा, 'अपने जीवन के आखरी कुछ वर्षों में मैं अपने साथ अकेला रहना चाहता हूं, मुझे उपाधि नहीं चाहिए, मैं उससे घृणा करता हूं, मैं सुर्खियों की तलाश नहीं करता, मैं उसके लायक नहीं हूं, मैं प्रशंसा नहीं चाहता, मैं उसके योग्य नहीं हूं। इस उम्र में मुझे शोहरत से मुक्ति और शांति चाहिए।'

 

अमिताभ की ख्याति के कारण उन पर बोफोर्स घोटाले, पनामा पेपर्स और हाल में अपनी संपत्ति पर 'अवैध निर्माण' के मामले में आरोप लगे हैं। मामले के बाद अमिताभ ने लिखा, 'हमसे प्रतिक्रिया मांगी गई, इन आरोपों का खंडन करने और नाम का गलत इस्तेमाल करने के कारण हमारी तरफ से दो बार जवाब दिया गया। उन्हें छापा भी गया लेकिन सवाल बरकार रहे।' अमिताभ ने आगे लिखा, 'एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में हमने हमेशा पूरा सहयोग किया और इसके बाद भी अगर और जांच होगी तो हम पूरा सहयोग करेंगे।'

 

BMC के नोटिस पर बिग बी ने लिखा...

बिग बी के वकील ने मुंबई के गोरेगांव पूर्व में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा भेजे गए नोटिस के संबंध में अमिताभ की संपत्ति पर किसी भी अवैध निर्माण से इनकार कर दिया, जिसके कुछ दिन बाद अमिताभ ने यह पोस्ट किया है। BMC के आरोप जैसे मुद्दे पर उन्होंने लिखा, 'मीडिया के बजाय व्यवस्था को इसका हल निकालना चाहिए।'

 

एक बड़े से पोस्ट में अमिताभ ने लिखा है, 'उस नोटिस को मुझे अभी भी देखना है, लेकिन शायद उसके आने का समय आ गया है। कई बार जब मुझ पर आरोप लगते हैं तो मैं उन्हें सही तरीके से हल करने का प्रयास करता हूं, लेकिन कभी-कभी चुप रहना ही बुद्धिमानी होती है।'

 

हमें परेशान किया गया, गद्दार घोषित किया गया

अमिताभ ने बोफोर्स घोटाले पर लिखा, 'कई वर्षों तक हमें परेशान किया गया, गद्दार घोषित किया गया, हमारे साथ दुर्व्यवहार किया गया और हमें अपमानित किया गया।' उन्होंने लिखा, 'जब मीडिया यह समाचार भारत लेकर आया, उन्होंने मुझ से पूछा कि मैं इस बारे में क्या करूंगा, क्या मैं यह जानने की कोशिश करूंगा कि यह किसने किया या अपना प्रतिशोध लूंगा।' अमिताभ ने कहा कि इस घोटाले से उनके नाम को हटने में 25 साल लग गए।

 

बोफोर्स घोटाला मेरे लिए खत्म हो गया

अमिताभ ने लिखा, 'कौन सा प्रतिशोध और जानकारी मैं चाहूंगा? क्या यह उन दुखों और मानसिक यातनाओं को दूर कर सकेगा, जिससे हम वर्षों तक गुजरे हैं। क्या हमारा इलाज कर सकेगा, क्या यह हमें आराम दे पाएगा? नहीं, यह नहीं होगा तो मैंने मीडिया से कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। यह मामला मेरे लिए खत्म हो गया है।'